भारतीय सेना ने शनिवार (4 जुलाई, 2026) को जम्मू-कश्मीर में एक बार फिर से ऐसे काम किया है, जिसके बाद से सेना की काफी सराहना की जा रही है. दरअसल, भारतीय सेना के अधिकारियों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रहने वाले एक और युवक को इंसानियत के आधार पर वापस पाकिस्तान भेज दिया है, जो 30 मई, 2026 को भटककर सीमा पार कर जम्मू-कश्मीर के उरी में भारतीय सीमावर्ती इलाके में घुस गया था.
अधिकारियों ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के रहने वाले 22 साल के युवक जेशान अहमद मीर को जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में कमान पोस्ट क्रॉसिंग पॉइंट पर सफलतापूर्वक पाकिस्तान भेज दिया गया है.
30 मई की शाम भटककर भारत में हो गया था दाखिल
अधिकारियों ने इस घटना के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि 22 वर्षीय जेशान अहमद मीर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के पैनकाडी गांव का रहने वाला था, जिसे भारतीय सेना के जवानों ने 30 मई, 2026 की शाम को उरी के हाजीपीर सेक्टर से हिरासत में लिया था.
हिरासत में लिए जाने के बाद शुरुआती तौर पर उसे जरूरी पूछताछ और फॉर्मल कानूनी कागजात के लिए लोकल पुलिस को सौंप दिया गया था. सभी जरूरी फॉर्मेलिटीज के पूरा हो जाने के बाद भारतीय सेना के अधिकारियों ने अपने पाकिस्तानी समकक्षों से संपर्क किया और युवक को बारामूला जिले के उरी में कमान पोस्ट बॉर्डर क्रॉसिंग पर सौंप दिया.
पाकिस्तानी नागरिक को वापस भेजने का यह दूसरा मामला
भारतीय सेना की तरफ से सीमा पार से भटककर भारत में दाखिल होने वाले पाकिस्तानी नागरिक को वापस भेजने का कश्मीर घाटी में यह दूसरा मामला है. इससे पहले 19 जून, 2026 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान के एक नागरिक को वापस उसके देश भेज दिया था, जिसे उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पार करने के बाद पकड़ लिया गया था. पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा (KPK) के रहने वाले असद खान को 12 जून को कुपवाड़ा के सिमरी गांव में पकड़ा गया था, जब वह नियंत्रण रेखा (LoC) पार करके भारतीय इलाके में आ गया था.
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