Dumka News: दुमका, प्रतिनिधि। जहां आजकल जन्मदिन पर हजारों रुपये खर्च कर पार्टियां और केक काटने का चलन बढ़ रहा है, वहीं दुमका प्रखंड के धतिकबोना गांव के एक गरीब आदिवासी मजदूर ने अपने जन्मदिन को समाज सेवा का माध्यम बनाकर मिसाल पेश की। घरों की रंगाई-पुताई कर परिवार चलाने वाले प्रदीप मुर्मू ने अपने 27वें जन्मदिन पर केक काटने के बजाय बच्चों के बीच कॉपी-कलम बांटी और उन्हें शिक्षा का महत्व समझाया। प्रदीप मुर्मू कई वर्षों से गांव में आदिवासी सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। वे प्रत्येक रविवार बच्चों के साथ साप्ताहिक मांझी थान पूजा का आयोजन करते हैं, ताकि नई पीढ़ी अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़ी रहे।
रविवार को जन्मदिन के अवसर पर उन्होंने सबसे पहले गांव के मांझी थान में बच्चों के साथ पूजा-अर्चना कर माथा टेका। इसके बाद प्रसाद वितरण किया और फिर बच्चों के बीच कॉपी एवं कलम बांटकर उन्हें मन लगाकर पढ़ाई करने तथा जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। प्रदीप मुर्मू ने कहा कि जन्मदिन केवल उत्सव मनाने का दिन नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी है। उनका मानना है कि यदि हर व्यक्ति अपने जीवन के विशेष अवसरों पर जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा में थोड़ा-सा भी सहयोग करे, तो समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। समाजसेवी मरांग बुरु सच्चिदानंद सोरेन और ग्रामीणों ने प्रदीप मुर्मू की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि सीमित आय और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उनका शिक्षा और समाज के प्रति समर्पण प्रेरणादायी है। उनका यह प्रयास बताता है कि समाज सेवा के लिए बड़ी संपत्ति नहीं, बल्कि बड़ा दिल और सकारात्मक सोच की जरूरत होती है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play