यूक्रेन ने रूस के यूराल क्षेत्र में स्थित सालावत पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला किया, जिससे प्लांट को नुकसान हुआ। यूक्रेनी हमलों से रूस की तेल शोधन क्षमत …और पढ़ें
रूस-यूक्रेन युद्ध।
यूक्रेन ने रूस के सालावत पेट्रोकेमिकल प्लांट पर हमला किया।
रूसी तेल शोधन क्षमता 21 साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंची।
रूस ने कीव पर मिसाइलों और ड्रोन से फिर हमला किया।
डिजिटल डेस्क, मॉस्को। यूक्रेन ने मंगलवार को रूस के यूराल क्षेत्र में स्थित बड़ी उत्पादन क्षमता वाले सालावत पेट्रोकैमिकल प्लांट पर हमला किया। क्षेत्रीय गवर्नर के अनुसार इस हमले से प्लांट को नुकसान हुआ है लेकिन उससे उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं हुआ है।
प्लांट को हुए नुकसान को कुछ दिनों में ही दूर कर लिया जाएगा। इस बीच रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर एक बार फिर मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया है। मंगलवार तड़के कीव पर हुआ यह हमला जुलाई में पांचवां था। इस हमले में कीव के 16 स्थानों को निशाना बनाया गया। लेकिन इससे हुए नुकसान की अभी जानकारी नहीं मिली है। जबकि खार्कीव में रूसी हमले में सात लोग घायल हुए हैं।
यूक्रेन की सेना ने कहा है कि सोमवार-मंगलवार की रात सालावत प्लांट और एफिप्स्की स्थित ऑयल रिफायनरी पर हमले किए गए। इनसे दोनों संयंत्रों को भारी नुकसान हुआ है। रिफायनरी में आग भी लग गई है। यूक्रेन का उद्देश्य रूस की ईंधन निर्यात से होने वाली आय को कम करना है जिससे उसे युद्ध के लिए धन की कमी हो जाए और वह यूक्रेन पर हमले रोकने को बाध्य हो जाए।
रूसी रिफायनरियों पर यूक्रेन के ड्रोन हमलों से रूस की तेल शोधन क्षमता कम होकर 21 वर्षों के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। यूक्रेनी हमलों के बाद वर्तमान में रूस की तेल शोधन क्षमता घटकर 38 लाख बैरल प्रतिदिन रह गई है। जबकि पूर्व में यह 43 लाख बैरल प्रतिदिन थी। यह जानकारी विश्व में पेट्रोलियम पदार्थों के उत्पादन और खपत पर नजर रखने वाली संस्था कैप्लर ने दी है।