Published By: Rishabh Kumar | Updated: Jul 16, 2026, 8:27 PM
ओडिशा के पुरी में गुरुवार को भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान भारी भीड़ के बीच हालात अचानक बिगड़ गए और भगदड़ जैसे हालात बन गए . IANS की रिपोर्ट के अनुसार, भीड़ बढ़ने से कई श्रद्धालुओं की तबीयत खराब हुई. इलाज के दौरान एक 60 वर्षीय श्रद्धालु की मौत हो गई. हालांकि प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक तौर पर भगदड़ की पुष्टि नहीं की है. पूरे मामले की जांच की जा रही है और मौत की असली वजह का भी पता लगाया जा रहा है. (Image: AI)
IANS से बात करते हुए घटनास्थल पर मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया कि मरीचि कुंड चौक के पास बाहरी घेरे की रस्सी वाली बैरिकेड गिर गई या कुछ लोग संतुलन खोकर सड़क पर गिर पड़े. इसके बाद पीछे से आ रही भीड़ का दबाव बढ़ गया. देखते ही देखते कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए और वहां अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई. (Image: PTI)
उसी प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उन्होंने करीब 40 से 50 लोगों को एक-दूसरे के ऊपर गिरते देखा. इस घटना में कई लोग घायल हुए, जबकि चार से पांच लोगों को गंभीर चोटें आईं. उन्होंने बताया कि आसपास मौजूद लोगों ने मिलकर घायलों को बाहर निकाला और तुरंत इलाज के लिए अस्पताल भेजने में मदद की. (Image: PTI)
श्रद्धालु ने बताया कि उन्होंने करीब 20 लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की. घायलों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया. बाद में उन्हें जानकारी मिली कि एक बुजुर्ग श्रद्धालु की इलाज के दौरान मौत हो गई. प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है और अस्पताल में भर्ती लोगों का इलाज जारी है. (Image: PTI)
भारी भीड़ और लगातार हो रही बारिश के बीच घुटन, चक्कर और चोट लगने की शिकायत के बाद करीब 200 लोगों को पुरी के अस्पतालों और अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया. मेडिकल टीम लगातार मरीजों का इलाज कर रही है ताकि किसी भी तरह की बड़ी परेशानी से बचा जा सके. (Image: PTI)
समाचार एजेंसी PTI के अनुसार अग्निशमन सेवा के महानिरीक्षक उमाशंकर दास ने बताया कि राहत टीमों ने भीड़ में फंसे लगभग 100 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. जिन लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही थी, उन्हें तुरंत एम्बुलेंस और अस्थायी अस्पतालों में पहुंचाया गया. उन्होंने कहा कि समय पर राहत मिलने से कई श्रद्धालुओं को मदद मिली. (Image: PTI)
इस साल रथ यात्रा में लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचे. भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा की रथ यात्रा देखने के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे. हर साल की तरह इस बार भी तीनों देवताओं को श्री जगन्नाथ मंदिर से गुंडिचा मंदिर तक भव्य रथों में ले जाया गया. (Image: PTI)
रथ यात्रा की शुरुआत 'पहंडी बीजे' रस्म से हुई. इस दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को मंदिर से रथों तक ले जाया गया. पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन और वैदिक मंत्रों के बीच यह आयोजन हुआ. हालांकि कार्यक्रम समय से पहले शुरू हुआ, लेकिन रस्मों को पूरा होने में दो घंटे से ज्यादा की देरी हुई. (Image: PTI)
बीजू जनता दल के अध्यक्ष और ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने घटना पर दुख जताया. उन्होंने मृत श्रद्धालु को श्रद्धांजलि दी और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की. उन्होंने अपने संदेश में सभी प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना भी व्यक्त की. (Image: PTI)
पिछले साल भी रथ यात्रा के दौरान गुंडिचा मंदिर के पास हुई भगदड़ में तीन लोगों की मौत हुई थी और कई श्रद्धालु घायल हुए थे. इस बार की घटना के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं. प्रशासन पूरे मामले की जांच के बाद विस्तृत रिपोर्ट जारी करेगा. (Image: IANS)
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