भास्कर संवाददाता| सुल्तानपुर
आदिवासी अंचल के ग्राम दिया बाड़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय ने पढ़ाई को रोचक बनाने की पहल शुरू की है। यहां बच्चों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखा गया। खेलकूद और गतिविधि आधारित शिक्षण से हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत का ज्ञान कराया जा रहा है। इससे बच्चों में पढ़ाई की रुचि बढ़ी है। शारीरिक विकास हो रहा है।
मानसिक विकास हो रहा है। पढ़ाई के बाद होने वाली गतिविधियों का बच्चे बेसब्री से इंतजार करते हैं। शिक्षकों का कहना है कि खेल के जरिए सीखने पर बच्चे विषय आसानी से समझते हैं। बात लंबे समय तक याद रहती है। इसी वजह से स्कूल के प्रति बच्चों का लगाव बढ़ रहा है। सीखने की क्षमता में भी सकारात्मक बदलाव दिख रहा है।
शिक्षक सन मानसिंह के मुताबिक नियमित कक्षाओं के बाद बच्चों को अलग-अलग खेलों और गतिविधियों से पढ़ाया जाता है। इस दौरान हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत के शब्द सिखाए जाते हैं। उनके अर्थ बताए जाते हैं। भाषा से जुड़ी बातें सरल तरीके से समझाई जाती हैं। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है। बच्चे उत्साह के साथ सीखने में भाग ले रहे हैं।
छुट्टी के बाद भी खत्म नहीं होता सीखने का उत्साह विद्यालय में छुट्टी का समय होने के बाद भी बच्चे घर जाने की जल्दी नहीं करते। वे बरामदे में खड़े होकर गतिविधि आधारित कक्षा शुरू होने का इंतजार करते हैं। खेल-खेल में मिलने वाली शिक्षा ने पढ़ाई को उनके लिए बोझ नहीं, बल्कि आनंद का विषय बना दिया है। यही वजह है कि विद्यालय में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और संस्था के प्रति उनका रुझान लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है।
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