कलकत्ता हाई कोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कॉलेज की प्रशिक्षु चिकित्सक के दुष्कर्म-हत्या मामले में कथित साजिश की जांच पर सीबीआई को 28 अगस्त तक प्रगति रिपोर्ट …और पढ़ें
कलकत्ता हाईकोर्ट।
हाई कोर्ट ने सीबीआई से प्रगति रिपोर्ट मांगी।
जांच को पटरी से न उतरने देने का निर्देश।
साजिश के पहलू की अलग से जांच जारी।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने आरजी कर मेडिकल कालेज एवं अस्पताल की प्रशिक्षु चिकित्सक के दुष्कर्म-हत्या मामले में कथित साजिश के पहलू की जांच पर सीबीआइ को 28 अगस्त तक प्रगति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने जांच एजेंसी से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि जांच किसी भी स्तर पर पटरी से न उतरे। मामले की अगली सुनवाई 28 अगस्त को होगी। न्यायमूर्ति शम्पा सरकार और न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की खंडपीठ के समक्ष सीबीआइ ने जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और सामग्री संबंधी रिपोर्ट पेश की। इससे पहले 25 जून की सुनवाई में अदालत ने जांच की प्रगति का ब्यौरा देने का निर्देश दिया था।
हाई कोर्ट ने 21 मई को सीबीआइ के संयुक्त निदेशक (पूर्वी क्षेत्र) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआइटी) गठित करने का आदेश दिया था। एसआइटी नौ अगस्त 2024 की रात प्रशिक्षु चिकित्सक के रात्रिभोज से लेकर उनके अंतिम संस्कार तक की घटनाओं और कथित साजिश की जांच कर रही है। पीड़िता के स्वजन ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद साक्ष्य नष्ट किए गए और मामले की गंभीरता कम दिखाने का प्रयास किया गया था।