विवि प्रशासन के खिलाफ कर्मियों का कार्य बहिष्कार शुरू – Hindustan

मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। बीआरएबीयू प्रशासन के खिलाफ विवि कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारियों ने मंगलवार से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। संघ के सचिव गौरव और अध्यक्ष राम कुमार ने बताया कि विवि प्रशासन से कर्मचारियों का जो समझौता हुआ था, उसे अबतक लागू नहीं किया गया, इसके विरोध में यह आंदोलन है।
इस आंदोलन को बिहार राज्य विवि-महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ भी समर्थन दे रहा है। महासंघ के समर्थन देने से कॉलेज के कर्मचारी भी इस कार्य बहिष्कार में शामिल हैं। आंदोलन के बाद कर्मचारी संघ और महासंघ की तरफ से रजिस्ट्रार प्रो. समीर कुमार शर्मा को एक पत्र भी दिया गया। पत्र में पुराने समझौते को लागू करने की बात कही गई और विवि की तरफ से जारी किये गये एक पत्र को रद्द करने की भी मांग की गई।
प्राचार्य ने कर्मियों को रोका तो हंगामा
कार्य बहिष्कार के दौरान आरडीएस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. शशिभूषण के खिलाफ कर्मचारियों ने हंगामा भी किया। कर्मियों ने बताया कि प्राचार्य कार्य बहिष्कार की पूर्व सूचना के बाद भी कर्मचारियों को विवि धरनास्थल नहीं जाने दे रहे थे और वेतन काटने की धमकी दे रहे थे। इसकी सूचना विवि कर्मचारी संघ को दी गई। इसके बाद विवि से कई कर्मचारी आरडीएस कॉलेज पहुंच गये और वहां हंगामा किया। इस दौरान प्राचार्य से तीखी बहस भी हुई। हंगामे के बाद आरडीएस के कर्मचारी विवि धरनास्थल पर पहुंचे।
हड़ताल से दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा में परेशानी
कर्मचारियों की हड़ताल से स्नातक दूसरे सेमेस्टर सत्र 2025-29 की परीक्षा में परेशानी हुई। परीक्षा मंगलवार से 56 केंद्रों पर शुरू हुई। प्राचार्यों ने बताया कि शिक्षकेतर कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार के कारण परीक्षा में रोल शीट लगाने, अटेंडेंस शीट, कॉपी और प्रश्नपत्र पहुंचाने में परेशानी हुई। शिक्षकों से ही शिक्षकेतर कर्मचारियों के काम कराये गए। परीक्षा के पहले दिन विज्ञान के सवालों से छात्रों को परेशानी हुई। परीक्षा देकर निकले छात्रों ने बताया कि विज्ञान के सवाल कठिन थे।
कार्य बहिष्कार से नामांकन रुका
शिक्षकेतर कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से छात्रों का छठे सेमेस्टर में दाखिला नहीं हो सका। इसके विरोध में एलएनटी कॉलेज के कई छात्र विवि पहुंच गए। छात्रों का आरोप था कि मंगलवार को दाखिले की अंतिम तारीख है और दाखिला नहीं हो रहा है। कॉलेज में बताया जा रहा है कि सामूहिक कार्य बहिष्कार के कारण दाखिला नहीं होगा। इसके बाद छात्रों ने डीएसडब्ल्यू प्रो. आलोक प्रताप सिंह से बात की। उन्होंने छात्रों को नामांकन का भरोसा दिलाया।
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