कटिहार, एक संवाददाता। टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत बिहार में 2 जुलाई से 31 जुलाई 2026 तक चलाए गए 30 दिवसीय स्क्रीनिंग अभियान में जिलों के प्रदर्शन की तस्वीर बेहद दिलचस्प सामने आई है। राज्य ने निर्धारित 30 दिनों के लक्ष्य के मुकाबले 302 प्रतिशत स्क्रीनिंग कर नया रिकॉर्ड बनाया है। लेकिन जिलावार प्रदर्शन में भारी अंतर देखने को मिला। राज्य स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी रैंकिंग के अनुसार पटना 639 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राज्य में पहले स्थान पर रहा, जबकि मुंगेर 145 प्रतिशत के साथ अंतिम यानी 38वें स्थान पर रहा। कटिहार 218 प्रतिशत उपलब्धि के साथ 29वें स्थान पर है। जारी रिपोर्ट में बिहार में 30 दिनों में कुल 63,26,324 स्क्रीनिंग का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि अभियान के दौरान 1,90,91,155 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। यानी लक्ष्य के मुकाबले राज्य ने करीब तीन गुना से अधिक उपलब्धि हासिल की।
राज्य की रैंकिंग में पटना सबसे आगे रहा। पटना के लिए 30 दिनों का लक्ष्य 1,44,478 था, जबकि जिले ने 9,23,101 स्क्रीनिंग कर 639 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की। दूसरे स्थान पर सारण ने 618 प्रतिशत, जबकि अरवल ने 608 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की। इसके बाद सहारसा 565 प्रतिशत, औरंगाबाद 490 प्रतिशत, किशनगंज 487 प्रतिशत, बांका 472 प्रतिशत, भोजपुर 471 प्रतिशत और सुपौल 454 प्रतिशत के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल रहे।
सीमांचल के जिलों की बात करें तो तस्वीर मिश्रित है। किशनगंज 6वें स्थान पर 487 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पूरे राज्य में शानदार प्रदर्शन कर रहा है। अररिया 16वें स्थान पर 296 प्रतिशत के साथ है। वहीं कटिहार 29वें स्थान पर 218 प्रतिशत उपलब्धि के साथ है। कटिहार के लिए 30 दिनों का लक्ष्य 3,19,945 था, जिसके मुकाबले 6,96,435 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। इस तरह जिले ने लक्ष्य का दोगुने से भी अधिक हासिल किया। कटिहार से ठीक नीचे पूर्णिया 216 प्रतिशत के साथ 30वें स्थान पर है। वहीं सहरसा 565 प्रतिशत के साथ चौथे और सुपौल 454 प्रतिशत के साथ नौवें स्थान पर रहकर कोसी क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करते दिख रहे हैं।
रैंकिंग का सबसे रोचक पहलू यह है कि पहले स्थान पर रहने वाले पटना और अंतिम स्थान पर रहे मुंगेर के प्रदर्शन में 494 प्रतिशत अंक का अंतर है। पटना ने जहां 639 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की, वहीं मुंगेर 145 प्रतिशत पर रहा। यानी राज्य के सभी जिलों ने लक्ष्य हासिल किया, लेकिन लक्ष्य से आगे निकलने की रफ्तार में बड़ा अंतर रहा। यही अंतर जिलों की रैंकिंग में साफ दिखाई देता है।
टीबी रोगियों को खोज कर उसको समुचित रूप से इलाज कराने के लिए एक विशेष अभियान 2 जुलाई से 31 जुलाई तक चलाया गया था। इस अभियान का रैंकिंग जारी किया गया। जिसमें लक्ष्य का दोगुणा से अधिक रोगियों का स्क्रीनिंग किया गया है। आने वाले समय में राज्य में बेहतर स्थान प्राप्त करने के लिए बेहतर रणनीति तैयार कर ली गई है। जल्द ही इसका परिणाम देखने को मिलेगा।
डॉ. अशरफ रिजवी, जिला टीबी नियंत्रण पदाधिकारी, कटिहार।
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