'खुद मोबाइल से करें जनगणना…' PM मोदी ने की अपील, जानिए ये कैसे करना है – AajTak

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देश में जनगणना का काम चल रहा है. यह सिर्फ लोगों की गिनती करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इससे देश की आबादी, परिवारों और लोगों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आती हैं. इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सरकार आने वाले समय के लिए नीतियां और योजनाएं तैयार करती है. ऐसे में जनगणना के दौरान दर्ज होने वाली हर जानकारी का सही और सटीक होना बेहद जरूरी है. स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जनगणना के इसी महत्व को समझाया और लोगों से इसमें सक्रिय रूप से सहयोग करने की अपील की.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देशवासियों से जनगणना के काम में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि जनगणना सिर्फ आंकड़े जुटाने का काम नहीं है, बल्कि इन आंकड़ों की बारीक जानकारी के आधार पर देश के लिए नीतियां और योजनाएं तैयार होती हैं. इसी के आधार पर देश आगे बढ़ने की अपनी रूपरेखा तय करता है. पीएम मोदी ने कहा कि जनगणना के दौरान सटीक जानकारी दर्ज होना बेहद जरूरी है. कई बार सरकार की ओर से जानकारी जुटाने के लिए आने वाले प्रतिनिधि जल्दी में होते हैं और नाम या दूसरी जानकारियां अलग-अलग तरीके से लिख दी जाती हैं. इससे बाद में सही आंकड़े तैयार करने में परेशानी हो सकती है.
नौजवानों से पीएम मोदी की खास अपील, ‘आप स्वयं भी जनगणना में अपनी जानकारियां अपने मोबाइल फोन से भरकर दे सकते हैं. बाद में प्रतिनिधि आएंगे वो आपसे चर्चा करेंगे…’#IndependenceDay2026 #80thIndependenceDay #PMModi #RedFort #ATVideo pic.twitter.com/E1lCM1cPlh
सभी जानकारी सही तरीके से अपलोड करें 
उन्होंने कहा कि अब देश के पास तकनीक की सुविधा उपलब्ध है और इस बार लोग अपने मोबाइल फोन के जरिए भी जनगणना में अपनी जानकारी डिजिटल रूप से भर सकते हैं. पीएम मोदी ने लोगों से अपील की कि परिवार के सभी सदस्य साथ बैठकर अपनी जानकारी ध्यान से भरें. प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले कागज पर पूरा फॉर्म ध्यान से भरकर उसकी जांच कर लेनी चाहिए. अगर किसी जानकारी या स्पेलिंग में गलती हो तो उसे तुरंत ठीक कर लेना चाहिए. इसके बाद उसी सही जानकारी को डिजिटल तरीके से अपलोड किया जा सकता है. पीएम मोदी ने कहा कि अगर देश के लोग अपनी जानकारी पूरी सावधानी और सटीकता के साथ दर्ज करेंगे, तो इससे जनगणना का काम और बेहतर तरीके से पूरा होगा. इससे देश का समय और संसाधन भी सही काम में इस्तेमाल हो सकेंगे.
प्रधानमंत्री ने खास तौर पर देश के युवाओं से जनगणना के इस महत्वपूर्ण काम में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की. उन्होंने कहा कि सही और सटीक आंकड़े देश की भविष्य की योजनाओं और विकास की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से अपील की है कि वे सेंसस 2027 में उपलब्ध स्वयं जनगणना की सुविधा का इस्तेमाल करें. इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति अपने मोबाइल से पूरी जनगणना अपने हिसाब से कर देगा. बल्कि सरकार ने एक आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल बनाया है, जहां परिवार का कोई सदस्य अपने घर की जानकारी खुद ऑनलाइन भर सकता है. 
ऐसे करें ऑनलाइन जानकारी दर्ज 
सरकार ने इसके लिए सेल्फ एनुमरेशन (Self-Enumeration)  पोर्टल शुरू किया है. यह मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए इस्तेमाल किया जा सकता है. इस पोर्टल पर परिवार से जुड़ी जरूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा सकती है. सरकार के मुताबिक सेल्फ एनुमरेशन (Self-Enumeration) की सुविधा 16 भाषाओं में उपलब्ध कराई गई है, जिसमें  हिंदी, अंग्रेजी, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, उर्दू समेत अन्य भाषाएं शामिल हैं. 
खुद से सेल्फ एनुमरेशन करने के लिए क्या करना होगा?
सबसे पहले आधिकारिक सेल्फ एनुमरेशन (Self-Enumeration)  पोर्टल पर जाना होगा. पोर्टल पर परिवार से जुड़ी जानकारी भरने के लिए जरूरी निर्देश और सहायता दी गई है.जानकारी भरते समय सवालों को ध्यान से पढ़ना होगा और परिवार के बारे में सही जानकारी देनी होगी. प्रक्रिया पूरी होने के बाद आपको एक सेल्फ एनुमरेशन (Self-Enumeration)  आईडी मिलेगी. यह आईडी आपके मोबाइल या ईमेल पर भी मिल सकती है. इसके बाद जब जनगणना कर्मचारी आपके घर पहुंचेगा तो उसे यह आईडी बतानी होगी. कर्मचारी आपके द्वारा ऑनलाइन दी गई जानकारी को वेरीफाई करेगा. यानी  करने के बाद भी सरकारी कर्मचारी द्वारा जानकारी की पुष्टि की जाएगी.
कौन-कौन सी जानकारी देनी होगी?
सेल्फ एनुमरेशन (Self-Enumeration) के दौरान परिवार और घर से जुड़ी कई तरह की जानकारियां पूछी जाती हैं. इनमें घर की स्थिति, परिवार में रहने वाले लोगों और घर में मौजूद अलग-अलग सुविधाओं से संबंधित सवाल शामिल हो सकते हैं. आधिकारिक पोर्टल पर सवालों के साथ जरूरी निर्देश और सहायता भी उपलब्ध कराई गई है, ताकि लोगों को जानकारी भरने में परेशानी न हो. 
क्या हर व्यक्ति को खुद मोबाइल से फॉर्म भरना जरूरी है?
नहीं, अगर कोई व्यक्ति खुद ऑनलाइन जानकारी नहीं भरना चाहता या उसके लिए यह संभव नहीं है, तो जनगणना कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी दर्ज करेंगे. सरकार ने इस बार जनगणना को डिजिटल बनाने के साथ लोगों के लिए स्वयं जानकारी दर्ज करने का विकल्प भी दिया है. सेंसस 2027 में केवल आम लोगों के लिए ही डिजिटल सुविधा नहीं दी गई है, बल्कि जनगणना कर्मचारियों के लिए भी मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा रहा है.इससे कागज पर जानकारी लिखने और बाद में उसे डिजिटल रिकॉर्ड में बदलने की जरूरत कम होगी.
आपकी जानकारी कितनी सुरक्षित है?
जनगणना में दी जाने वाली जानकारी की गोपनीयता को लेकर भी सरकार ने स्पष्ट किया है कि Census Act, 1948 के तहत एकत्र की गई जानकारी को गोपनीय रखा जाता है. सरकार ने डिजिटल प्रक्रिया में भी डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता पर जोर दिया है. इसलिए लोगों को जनगणना के दौरान सही जानकारी देनी चाहिए और किसी अनजान वेबसाइट या लिंक पर अपनी निजी जानकारी दर्ज करने से बचना चाहिए. स्व-जनगणना  के लिए केवल सरकारी पोर्टल का इस्तेमाल करना चाहिए.
इस बार की जनगणना क्यों खास है?
सेंसस 2027 कई मायनों में खास है. यह भारत की पहली डिजिटल जनगणना है. इसके अलावा पहली बार लोगों को अपनी जानकारी खुद ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा भी दी गई है. सरकार के अनुसार इस बार जनगणना में जाति संबंधी आंकड़े भी जुटाए जाएंगे. जनगणना से मिलने वाले आंकड़ों का इस्तेमाल आने वाले वर्षों में सरकार की योजनाएं बनाने, संसाधनों के वितरण और विकास की रणनीति तैयार करने में किया जाता है. इसलिए सरकार लोगों से इसमें सही और पूरी जानकारी देने की अपील कर रही है.
ऐसे समझिए पूरी प्रक्रिया
अगर आप सेल्फ एनुमरेशन (Self-Enumeration)  के जरिए जनगणना में जानकारी देना चाहते हैं तो प्रक्रिया को आसान भाषा में ऐसे समझ सकते हैं:
1. सबसे पहले आधिकारिक Self-Enumeration पोर्टल खोलें.
2. इसके बाद परिवार और घर से जुड़े सवालों के जवाब ऑनलाइन भरें.
3, जानकारी जमा करने के बाद मिलने वाली सेल्फ एनुमरेशन ID को सुरक्षित रखें.
4, जब जनगणना कर्मचारी आपके घर आए तो उसे यह ID दिखाएं.
5, कर्मचारी आपकी ऑनलाइन दी गई जानकारी का सत्यापन करेगा.
इस तरह आपको अपनी जानकारी पहले से ऑनलाइन दर्ज करने की सुविधा मिल जाती है और जनगणना की प्रक्रिया भी ज्यादा डिजिटल और व्यवस्थित हो जाती है.  यहां एक बात समझना जरूरी है कि ‘खुद मोबाइल से जनगणना करें’ का मतलब यह नहीं है कि सरकार की पूरी जनगणना प्रक्रिया नागरिकों पर छोड़ दी गई है. इसका मतलब सेल्फ एनुमरेशन की सुविधा से अपने परिवार की जानकारी  सेल्फ एनुमरेशन (Self-Enumeration)  ऑनलाइन देना है. इसके बाद जनगणना कर्मचारी उस जानकारी की पुष्टि करते हैं. सरकार ने लोगों से इस सुविधा का इस्तेमाल करने और सेंसस 2027 में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी इसे देश के हर नागरिक की जिम्मेदारी बताते हुए लोगों से जनगणना में सहयोग करने का आग्रह किया है. 
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