केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का स्वतंत्रता दिवस भाषण 'विकसित भारत' की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा।
प्रधानमंत्री का भाषण विकसित भारत की यात्रा में मील का पत्थर। (एएनआई)
पीएम मोदी का भाषण ‘विकसित भारत’ की यात्रा में मील का पत्थर।
लाल किले पर 80 साल बाद पहली बार ‘वंदे मातरम्’ गान।
कुर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर तिरंगा, नक्सलमुक्त बस्तर का प्रतीक।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण ‘विकसित भारत’ की यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा।
शाह ने एक्स पर पोस्ट किया, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए ‘नशामुक्त भारत’, ‘सुरक्षित भारत’ और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ विकसित भारत बनाने का रोडमैप दिया।
शाह ने कहा, प्रधानमंत्री ने बीते 12 वर्षों में सेमीकंडक्टर, क्रिटिकल मिनरल्स, ऊर्जा व रेलवे-परिवहन में हुई अभूतपूर्व प्रगति का उल्लेख करते हुए देश को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने और सभी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘सप्तधारा’ की सात शक्तियों का मंत्र दिया।
स्वदेशी, समृद्धि और आत्मनिर्भरता के संकल्प से भरा मोदी जी का यह संबोधन हर क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र बनने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा।एक अन्य पोस्ट में शाह ने कहा, स्वतंत्रता आंदोलन का प्रखर जयघोष रहे ‘वंदे मातरम्’ का आजादी के 80 वर्ष बाद पहली बार लाल किले की प्राचीर से गान हुआ। इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनकर रोम-रोम पुलकित हो उठा।
अमित शाह ने एक अन्य पोस्ट में कहा, कुर्रेगुट्टा की पहाड़ी जो कभी नक्सल आतंक का गढ़ थी, आज वहां शान से तिरंगा लहरा रहा है और आजादी का पर्व मनाया जा रहा है। जहाँ कभी बंदूकें गरजती थीं, वहां राष्ट्रभक्ति गूंज रही है। लाल माटी पर लहराता तिरंगा नक्सलमुक्त नए बस्तर की शक्ति, प्रगति व आत्मविश्वास का प्रतीक है।
गौरतलब है कि तीन दिन तक चली बस्तर तिरंगा यात्रा ने कभी माओवादियों का गढ़ माने जाने वाले इलाकों से गुजरते हुए लगभग 600 किलोमीटर का सफर तय किया। यह यात्रा शुक्रवार को बीजापुर जिले की कुर्रेगुट्टा पहाड़ियों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ संपन्न हुई।
शाह ने एक अन्य पोस्ट में लिखा, पीएम मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर ने डर से आजादी तक का सफर तय किया है। जहां कभी तिरंगा फहराने पर धमकियां मिलती थीं, वहीं अब जम्मू-कश्मीर में तिरंगा यात्राएं निकाली जाती हैं और लाखों लोग खुशी और गर्व के साथ हमारा राष्ट्रीय ध्वज लहराते हैं।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)