Sheetla Saptami 2026: शीतला सप्तमी कल, जानें इस दिन देवी को क्यों लगाया जाता है बासी पकवान का भोग – aajtak.in

Feedback
Sheetla Saptami 2026: 3 सितंबर दिन गुरुवार को भाद्रपद कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रहेगी. इसे शीतला सप्तमी या शीतला सातम भी कहा जाता है. शीतला सप्तमी का दिन इस बार बेहद खास रहने वाला है. हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार शीतला सप्तमी पर रवि योग और कृतिका नक्षत्र का संयोग बनने जा रहा है. इन योग और नक्षत्रों में पूजा-पाठ करने से शुभ फल प्राप्त हो सकते हैं. आइए जानते हैं 3 सितंबर का पूरा पंचांग और दिनभर के शुभ-अशुभ समय के बारे में.
शीतला सप्तमी 2026 तिथि और मुहूर्त
शीतला सप्तमी का पर्व 3 सितंबर 2026 को है. इस दिन माता शीतला की पूजा का शुभ समय सुबह 6 बजकर 24 मिनट से लेकर शाम 6 बजकर 52 मिनट तक रहने वाला है.
शीलता सप्तमी की पूजन विधि
शीलता सप्तमी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करने की परंपरा है. इस दिन ठंडे जल से स्नान करें. इसके बाद साफ और स्वच्छ कपड़े पहनें. स्नान के बाद पूजा की तैयारी करें. माता शीतला की मूर्ति या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं. इसके बाद श्रद्धा के साथ पूजा आरंभ करें. शीतला सप्तमी की पूजा में एक दिन पहले तैयार किए गए ठंडे पकवानों का विशेष महत्व है. रांधण छठ के दिन बनाए गए भोजन को अगले दिन माता शीतला को भोग के रूप में अर्पित किया जाता है. पूजा के दौरान माता को ठंडे पकवान यानी बासोड़ा का भोग लगाएं
आरोग्य का वरदान
पूजन के दौरान माता शीतला को जल, रोली, अक्षत और पुष्प अर्पित करें. इस दौरानन परिवार के प्रत्येक सदस्य को निरोगी, प्रसन्न और शीतल रखने की प्रार्थना करें. मान्यता के अनुसार, शीतला माता की पूजा परिवार के आरोग्य और सुख-शांति की कामना से की जाती है. पूजा पूरी होने के बाद देवी को अर्पित प्रसाद ग्रहण किया जाता है. पूजा के बाद परिवार के सभी सदस्य मिलकर ठंडा प्रसाद ग्रहण करते हैं.
Copyright © 2026 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News