देश में लखनऊ की हवा सबसे साफ-सुथरी पाई गई। वहीं, पिछले आठ वर्षों से पहले पायदान पर कायम इंदौर दूसरे स्थान पर रहा। लखनऊ ने 200 में से 198 अंक प्राप्त किए, जबकि इंदौर को 197 अंक मिले। देश की राजधानी दिल्ली 21वें और आर्थिक राजधानी मुंबई 28वें स्थान पर रही।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सोमवार को स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 के परिणाम घोषित किए। 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों (श्रेणी-1) में दिल्ली को 172, मुंबई को 160.8 अंक मिले। पटना 178 अंकों के साथ 16वें पायदान पर रही। झारखंड की राजधानी रांची 162.5 अंकों के साथ 27वें क्रम पर रही। इसी श्रेणी में लखनऊ को पहला, इंदौर को दूसरा और जबलपुर को तीसरा स्थान मिला। इस श्रेणी में कुल 48 शहरों को शामिल किया गया था।
तीन से दस लाख की आबादी वाले श्रेणी-2 के शहरों में राउरकेला ने 200 में से 198.5 अंकों के साथ पहला स्थान हासिल किया है। उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद और आंध्र प्रदेश का गुंटूर 195 अंकों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। महाराष्ट्र का अमरावती तीसरे नंबर पर रहा, इसे 194 अंक मिले।
तीन लाख से कम आबादी वाले शहरों को श्रेणी-3 में रखा गया है। इसमें ओडिशा के कलिंग नगर ने 200 में से 198.5 अंक हासिल कर पहला स्थान हासिल किया। दूसरे नंबर पर ओडिशा का ही अंगुल शहर रहा। इसे कुल 196.5 अंक मिले, जबकि ओडिशा का ही तालचेर शहर 193.5 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भुवनेश्वर 193.5, झांसी 193.5 अंकों के साथ क्रमश: चौथे और पांचवें क्रम पर रहे।
साफ हवा के लिए दिल्ली को अभी बहुत कुछ करने की जरूरत है। स्वच्छ वायु दिवस-2026 के मौके पर घोषित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में दिल्ली 21वें नंबर पर है। दिल्ली को 200 में से 172 अंक मिले हैं। राजधानी में वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर पिछले 10 वर्षों में कई बड़े कदम उठाए गए। इससे प्रदूषण के स्तर में हल्की कमी भी आई है, लेकिन अभी भी दिल्ली साफ हवा वाले शहरों की सूची में पहले 10 स्थानों पर भी नहीं है। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण की रैकिंग दस लाख से ऊपर की आबादी वाले 48 शहरों की सूची तैयार की गई है। इसमें दिल्ली को 172 अंक दिए गए हैं और इस आधार पर इसे 21वें स्थान पर रखा गया है। अगर एनसीआर के शहरों की बात करें तो गाजियाबाद और फरीदाबाद भी दिल्ली से रैंक में ऊपर हैं। स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में गाजियाबाद को 184 अंक के साथ 09वें स्थान पर रखा गया है, जबकि 179.1 अंक के साथ फरीदाबाद 14वें स्थान पर मौजूद है।
विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के ‘लाइव हिन्दुस्तान’ के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ और ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।
राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।
अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का ‘C सर्टिफिकेट’ भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।
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