हॉस्टल आवंटन के लिए दिव्यांग छात्रों का प्रदर्शन – Hindustan

वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। बीएचयू में हॉस्टल आवंटन के लिए गुरुवार को दिव्यांग छात्रों ने तीखा विरोध प्रदर्शन किया। केंद्रीय कार्यालय के बाहर जुटे सैकड़ों दिव्यांग छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर नियमावली की अनदेखी और हॉस्टल वार्डेनों पर मनमानी का आरोप लगाया। छात्रों ने कुलपति को संबोधित ज्ञापन में दिव्यांग छात्रों को शत-प्रतिशत कमरा आवंटन की मांग की। छात्रों से लिए जा रहे गेस्ट चार्ज का भी पुरजोर विरोध किया। दिव्यांग छात्रों ने कहा कि बीएचयू में 2014 में पारित नियमावली के अनुसार 40 से 100 फीसदी तक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों और 70 फीसदी से अधिक अन्य दिव्यांगता वाले विद्यार्थियों को छात्रावास आवंटन अनिवार्य है।

इसके बावजूद पिछले चार-पांच साल से नियमों की लगातार अनदेखी की जा रही है। छात्रों ने बताया कि सामाजिक विज्ञान, कला, विज्ञान संकाय सहित अन्य संकायों के छात्रावासों में 20 से 60 कमरे तक खाली छोड़ दिए गए हैं। दूसरी तरफ दृष्टिबाधित और दिव्यांग छात्र ठौर के लिए भटकते हैं। छात्रों ने आरोप लगाया कि इस संबंध में पहले भी कुलपति, कुलसचिव, छात्र अधिष्ठाता सहित अन्य अधिकारियों को ज्ञापन दिए गए हैं। दो दिन पूर्व संयुक्त कुलसचिव और दिव्यांगता प्रकोष्ठ प्रमुख को भी प्रार्थना-पत्र दिया गया मगर उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हुई। प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे हिन्दी विभाग के शोध छात्र राहुल कुमार ने हॉस्टलों में गेस्ट चार्ज का मुद्दा भी उठाया। मांग की कि नए छात्रों से लिया गया गेस्ट चार्ज वापस किया जाए और इन कमरों को नियमानुसार दिव्यांग छात्रों को आवंटित किया जाए।छात्रों के प्रदर्शन की सूचना पर केंद्रीय कार्यालय के बाहर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए थे। कार्यालय का मुख्य द्वार भी पहले से बंद कर दिया गया था। हालांकि छात्र गेट के बाहर ही जमे रहे और जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने कहा कि उनकी मांगे नहीं मानी गईं तो वह भूख हड़ताल को बाध्य होंगे। घंटों चली मान मनौवल के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त किया।

शॉर्ट बायो : अभिषेक त्रिपाठी पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर जुड़े हैं। वाराणसी संस्करण के लिए वह शिक्षा जगत और राजनीतिक दल में कांग्रेस बीट कवर करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिषेक त्रिपाठी वाराणसी में इससे पहले भी विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। शिक्षा और राजनीतिक बीट के रिपोर्टर के तौर पर 2021 से इन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। लगभग पांच वर्ष से इस भूमिका में इन्होंने विशिष्ट अभियान, असर और ऑफबीट खबरें भी शामिल हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अभिषेक ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबार से की। यहां पहले डेस्क और फिर रिपोर्टिंग में काम किया। रिपोर्टिंग में मेडिकल, रेलवे और अपराध जैसी बीट पर कााम किया। यहां से 2011 में हिन्दुस्तान वाराणसी की सेवाएं शुरू की। अगले छह वर्ष तक प्रशासन और क्राइम रिपोर्टिंग में कई प्रतिमान स्थापित किए। 2016 में दैनिक भास्कर भोपाल से जुड़े और यहां लोकल रिपोर्टिंग से इतर डिजिटल और देश-दुनिया की खबरों की समझ विकसित की। 2020 तक दैनिक जागरण के अलावा विभिन्न डिजिटल और प्रिंट माध्यमों से जुड़े रहने के बाद 2021 में दोबारा हिन्दुस्तान वाराणसी में शिक्षा बीट पर वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम शुरू किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
12वीं तक विज्ञान, इसके बाद राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ने अभिषेक को जीवन की सभी धाराओं का अनुभव दिया। इसका असर पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों में रिपोर्टिंग, लेखन और प्रस्तुतिकरण पर दिखा। अभिषेक राजनीतिक, सांस्कृतिक और मानवीय एंगल वाली खबरों के लेखन में सिद्धहस्त हैं। प्रशासन और अपराध जगत की खबरों पर भी इनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वाराणसी की भौगोलिक समझ और बड़ा सामाजिक दायरा भी इनकी रिपोर्टिंग में काफी मददगार साबित होता रहा है। 2013 से राजनीतिक, प्रशासनिक और विकास के मोर्चे पर बदलते बनारस के हर पहलू को इन्होंने गहराई से समझा और प्रस्तुत किया है। संप्रति शिक्षा जगत में प्री-प्राइमरी से लेकर आईआईटी की तकनीकी दक्षता वाली खबरों को भी लिख सकने में यह सक्षम रिपोर्टर हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
अभिषेक फिल्म, ट्रेंड्स, यूथ और लाइफस्टाइल विषयों पर भी बेहतरीन पकड़ रखते हैं। सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के लिए भी वह प्रसिद्ध हैं। बीते वर्षों में अपने अखबार के लिए इन्होंने कई विशेष कवरेज, इंटरव्यू, सीरीज प्लान किए हैं। अभिषेक का मानना है कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता और नयापन जरूरी है। इसके साथ ही खबरों का लेखन और प्रस्तुतीकरण सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मुद्दों की समझ और उनकी सटीक प्रस्तुति पाठक को समाचार पर ठहरने और बाद में उसकी चर्चा करने पर विवश करती है।
विशेषज्ञता
प्रशासनिक और राजनीतिक कवरेज
अपराध और मानवीय एंगल के समाचारों में सिद्धहस्तता
फिल्म स्टार, साहित्यकार और राजनीतिज्ञों के विशेष साक्षात्कार
शिक्षा, धर्म संस्कृति और ऑफबीट खबरें
डेस्क पर खबरों का संपादन और पेजमेकिंग
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News