अंतरिक्ष की सैर, बस कुछ मिनट के लिए… खर्च करने होंगे 7 करोड़ रुपये – AajTak

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सोचिए, आप सुबह एक आम टूरिस्ट की तरह सफर शुरू करें और कुछ ही दिनों बाद धरती से हजारों किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में पहुंच जाएं. खिड़की से नीचे नीली धरती दिखाई दे और कुछ मिनट के लिए आपको भारहीनता यानी जीरो ग्रेविटी का अनुभव हो. सुनने में यह किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी लगती है, लेकिन अब अमीर टूरिस्ट के लिए यह हकीकत बन रही है.
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन के ऑनलाइन एक ट्रैवल प्लेटफॉर्म ने अंतरिक्ष की सैर का ऐसा पैकेज लॉन्च किया है. इसकी कीमत करीब 5.1 मिलियन युआन यानी लगभग 7 करोड़ रुपये (US$759,900) है. खास बात यह है कि यह कोई लंबा अंतरिक्ष मिशन नहीं होगा. इसमें अंतरिक्ष में बिताया जाने वाला समय महज कुछ मिनट का होगा.
7 करोड़ रुपये में क्या मिलेगा?
इस चीनी ट्रैवल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध इस पैकेज में कुल छह दिनों का कार्यक्रम है. इसमें शुरुआती चार दिन अंतरिक्ष यात्रा से पहले की तैयारी और ट्रेनिंग में बीतेंगे. पांचवें दिन असली रोमांच शुरू होगा. यात्रियों को अमेरिका के न्यू मैक्सिको स्थित लॉस क्रूसेस से एक एयर-लॉन्च्ड स्पेस फ्लाइट पर भेजा जाएगा. पूरी सबऑर्बिटल उड़ान करीब 90 मिनट की होगी. 
इस दौरान यात्री कुछ मिनट तक अंतरिक्ष जैसी परिस्थितियों में रहेंगे और वजनहीनता का अनुभव करेंगे. इस पैकेज में स्पेस फ्लाइट प्रोग्राम और उससे जुड़ा ठहरना शामिल है. लेकिन अमेरिका तक आने-जाने का हवाई किराया, वीजा, इंश्योरेंस और दूसरे खर्च इसके अलावा देने होंगे.
उड़ान से पहले होगी कड़ी ट्रेनिंग
अंतरिक्ष में जाना कोई आम हवाई यात्रा नहीं है. इसलिए यात्रियों को उड़ान से पहले कई तरह की ट्रेनिंग से गुजरना होगा. इसमें सिम्युलेटर ट्रेनिंग, सेंट्रीफ्यूज और हाई-G फोर्स ट्रेनिंग, पैराबोलिक फ्लाइट, अचानक होने वाली परिस्थितियों से निपटने की एक्सरसाइज और इमरजेंसी ड्रिल शामिल हैं. यात्रियों को स्पेसक्राफ्ट के उपकरणों को इस्तेमाल करने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी.
मतलब साफ है, करीब 7 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी सीधे विमान में बैठकर अंतरिक्ष की सैर नहीं कराई जाएगी. पहले शरीर और दिमाग को इस अनुभव के लिए तैयार किया जाएगा.
फ्लाइट के दौरान यात्रियों को कुछ मिनट के लिए वजनहीनता महसूस होगी. वे स्पेसक्राफ्ट की 17 खिड़कियों से धरती को अंतरिक्ष से देख सकेंगे. यात्रा पूरी होने के बाद उन्हें एसोसिएशन ऑफ स्पेस एक्सप्लोर की ओर से कमर्शियल एस्ट्रोनॉट सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा.यानी इस पूरे अनुभव में अंतरिक्ष तक पहुंचने, वहां कुछ मिनट बिताने और फिर धरती पर लौटने का रोमांच शामिल है.
दो लोग करा भी चुके हैं बुकिंग
यह पैकेज चीन में लॉन्च होते ही चर्चा में आ गया. चीनी ट्रैवल एजेंसी के AI चैटबॉट के मुताबिक, 2027 के कार्यक्रम की बुकिंग शुरू होने के बाद से दो ग्राहक इस पैकेज को बुक भी कर चुके हैं.
वहीं, वर्जिन गैलेक्टिक को दुनिया भर से अब तक कुल 681 बुकिंग मिलने की जानकारी दी गई है.चीनी ट्रैवल प्लेटफॉर्म सीट्रिप ने अपनी वेबसाइट पर इसे ‘एलीट के लिए स्पोर्ट’ बताया है. यानी यह साफ है कि अंतरिक्ष की यह सैर अभी आम टूरिस्ट के बजट से काफी दूर है.
असल में कौन करा रहा है अंतरिक्ष की सैर?
इस पैकेज में जिस कंपनी की स्पेस फ्लाइट का इस्तेमाल किया जाएगा. वह अमेरिका की  वर्जिन गैलेक्टिक है. इसे ब्रिटिश कारोबारी रिचर्ड ब्रैनसन ने 2004 में शुरू किया था. कैलिफोर्निया की यह कंपनी न्यू मैक्सिको स्थित स्पेसोपोर्ट अमेरिका से निजी यात्रियों और रिसर्च के लिए सबऑर्बिटल उड़ानें संचालित करती है.
वर्जिन गैलेक्टिक का वीएसएस यूनिटी स्पेसप्लेन 12 अंतरिक्ष उड़ानें पूरी कर चुका है. इनमें जून 2023 से जून 2024 के बीच सात कमर्शियल मिशन भी शामिल थे. बाद में इस स्पेस प्लेन को रिटायर कर दिया गया.अब कंपनी ज्यादा यात्रियों को ले जाने वाले डेल्टा क्लास स्पेसक्राफ्ट पर काम कर रही ही.  इसका मकसद भविष्य में कमर्शियल स्पेस ट्रैवल को ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है.
टिकट की कीमत पहले ही 7 करोड़ के करीब
वर्जिन ने अगस्त में अपनी दूसरी तिमाही की कमाई से जुड़ी जानकारी देते हुए बताया था कि मार्च से ऑफर किए गए टिकटों की एक खेप बिक चुकी है. इन टिकटों की कीमत US$750,000 यानी करीब 6.5-7 करोड़ रुपये थी.
कंपनी का लक्ष्य 2027 की दूसरी तिमाही के अंत तक हर महीने कम से कम 10 उड़ानें संचालित करना है. कंपनी ने यह भी उम्मीद जताई है कि 2027 में किसी समय उसकी तिमाही कैश फ्लो पॉजिटिव हो सकती है.
चीन भी स्पेस टूरिज्म की तैयारी में
अभी कमर्शियल स्पेस टूरिज्म के मामले में अमेरिका की कंपनियां आगे हैं. वर्जिन गैलेक्टिक के अलावा ब्लू ओरिजिन भी सबऑर्बिटल टूरिस्ट फ्लाइट के लिए जाना जाता है. चीन में अभी तक कोई कमर्शियल मानव स्पेस-टूरिज्म फ्लाइट शुरू नहीं हुई है. लेकिन वहां की कई निजी कंपनियां इस दिशा में तेजी से काम कर रही हैं. वहीं कुछ कंपनियां सबऑर्बिटल स्पेस टूरिज्म के लिए अपने वाहन विकसित कर रही हैं.
डीप ब्लू एयरोस्पेस ने अक्टूबर 2024 में अपनी पहली सबऑर्बिटल स्पेस-टूरिज्म टिकटों की बिक्री शुरू की थी. एक टिकट की कीमत 1.5 मिलियन युआन रखी गई थी. कंपनी का लक्ष्य 2027 में इंसानों को लेकर अपनी पहली उड़ान करने का है.
यानी कुछ मिनट का अंतरिक्ष अनुभव, करोड़ों की कीमत
अभी अंतरिक्ष की सैर आम छुट्टी की तरह नहीं है. करीब 90 मिनट की सबऑर्बिटल उड़ान, जिसमें कुछ मिनट की वजनहीनता का अनुभव मिलेगा, उसके लिए करीब 7 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे. ऊपर से अमेरिका आने-जाने, वीजा और इंश्योरेंस जैसे खर्च अलग हैं.
लेकिन इस पूरे कारोबार से एक बात साफ है कि अंतरिक्ष अब सिर्फ वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष यात्रियों तक सीमित नहीं रह गया है. दुनिया की निजी कंपनियां इसे टूरिज्म के एक नए बाजार के तौर पर देख रही हैं. आने वाले वर्षों में अगर तकनीक और उड़ानों की संख्या बढ़ती है, तो संभव है कि आज करोड़ों रुपये की यह अंतरिक्ष यात्रा भविष्य में ज्यादा लोगों की पहुंच में आए.
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