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विदेश घूमने जाने पर वहां की चीजों और सेवाओं की कीमत देखकर अक्सर भारतीय हैरान रह जाते हैं. ऐसा ही कुछ एक भारतीय यात्री के साथ नॉर्वे में हुआ. उसने सिर्फ 22 मिनट की टैक्सी राइड के लिए 934 नॉर्वेजियन क्रोनर यानी करीब ₹9,580 का बिल चुकाया. इस राइड ने सोशल मीडिया पर लोगों के बीच भारत और नॉर्वे में टैक्सी के किराए को लेकर चर्चा छेड़ दी है.
एक्स यूजर विनोद ने नॉर्वे में अपनी टैक्सी राइड का अनुभव सोशल मीडिया पर शेयर किया. उन्होंने बताया कि टैक्सी ने करीब 29 किलोमीटर की दूरी 22 मिनट में तय की. उनके मुताबिक राइड काफी आरामदायक और अच्छी थी, लेकिन बिल देखकर वह जरूर चौंक गए. टैक्सी का कुल किराया 934 नॉर्वेजियन क्रोनर आया, जो भारतीय रुपये में करीब ₹9,580 बैठता है. उन्होंने टैक्सी बिल की जानकारी शेयर करते हुए भारत में मिलने वाली सस्ती कैब राइड का भी जिक्र किया.
भारत की कैब से की तुलना
विनोद ने बताया कि भारत में उन्होंने कई बार काफी सस्ती उबर राइड ली है. उनका कहना था कि भारत में हर बार प्रीमियम सर्विस भले न मिले, लेकिन पैसों के मामले में कैब काफी सस्ती पड़ती है. उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भी अपने-अपने विचार रखने शुरू कर दिए. कुछ लोगों ने कहा कि भारत में टैक्सी का किराया निश्चित रूप से कम है, लेकिन सिर्फ किराए की तुलना करने से दोनों देशों की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती.
Sharing my today’s taxi ride experience in Norway. 🇳🇴🚕
22 minutes. 29 km. Smooth ride and a great experience.
The bill? 934 NOK — roughly ₹9,580. 😳
There are a few things India does far better than Norway… this is one of them. 🇮🇳😊
I’ve had much more affordable Uber rides… pic.twitter.com/aNk1fCqEXF
नॉर्वे में टैक्सी इतनी महंगी क्यों?
लोगों ने चर्चा में एक अहम बात बताई कि किसी देश में किसी सेवा की कीमत वहां की कमाई और खर्च से भी जुड़ी होती है. नॉर्वे में कर्मचारियों की मजदूरी और रोजमर्रा के खर्च भारत के मुकाबले काफी ज्यादा हैं. इसलिए वहां टैक्सी ड्राइवर समेत सर्विस सेक्टर के लोगों को मिलने वाली मजदूरी भी उसी हिसाब से होती है. इसका असर टैक्सी के किराए पर भी दिखाई देता है. यानी भारत में जिस टैक्सी राइड के लिए कुछ सौ या उससे कम-ज्यादा रुपये देने पड़ सकते हैं, वही राइड नॉर्वे में काफी महंगी हो सकती है.
लोगों ने कहा- सिर्फ किराया देखकर तुलना सही नहीं
सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने यह भी कहा कि भारत और नॉर्वे की टैक्सी का किराया सीधे-सीधे तुलना करना पूरी तरह सही नहीं होगा. दोनों देशों की कमाई, महंगाई और जीवन-यापन का खर्च अलग है. एक यूजर ने यह भी कहा कि नॉर्वे में ज्यादा मजदूरी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से सेवाओं की कीमत ज्यादा होती है. वहीं कुछ लोगों ने भारत में टैक्सी और उबर की कम कीमत को देश की एक खासियत बताया.इस तरह एक छोटी सी टैक्सी राइड ने सोशल मीडिया पर किराए, कमाई, महंगाई और दोनों देशों के लाइफ स्टाइल को लेकर बड़ी चर्चा शुरू कर दी है.
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