Agra News: आगरा में गणपति विसर्जन के लिए नगर निगम ने यमुना नदी में सीधा विसर्जन प्रतिबंधित कर दिया है। …और पढ़ें
Agra News: नगर निगम ने बनाए कुंड।
यमुना नदी में सीधा गणपति विसर्जन प्रतिबंधित किया गया।
हाथीघाट सहित चार घाटों पर विशेष विसर्जन कुंड बने।
कुंडों को गंगाजल से भरा गया, पुलिस व निगमकर्मी तैनात।
जागरण संवाददाता, आगरा। Agra News: गणपति बप्पा की विदाई के लिए नगर निगम प्रशासन ने सभी तैयारी पूरी कर ली। यमुना नदी में सीधे कोई भी श्रद्धालु मूर्तियों का विसर्जन नहीं कर सकेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए निगम प्रशासन ने हाथीघाट सहित चार घाटों पर विसर्जन कुंड बनाए गए हैं। इन कुंडों को गंगाजल से भरा गया है। नदी में सीधे कोई श्रद्धालु मूर्तियों का विसर्जन न करे, इसके लिए पुलिस तैनात रहेगी।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों के तहत नदियों और जलस्रोतों को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रतिमाओं का सीधे नदी में विसर्जन प्रतिबंधित है।
निर्धारित कुंडों में विसर्जन की व्यवस्था इसी दिशा में की गई है। इसमें हाथीघाट, कैलाश घाट, बल्केश्वर और दशहरा घाट पर गणेश मूर्तियों के विसर्जन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
निगम प्रशासन ने श्रद्धालुओं से निर्धारित कुंडों में ही मूर्तियों का विसर्जन करने की अपील की अपील की है। कुंडों की बैरीकेडिंग की गई है। श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से प्रतिमाओं का विसर्जन कर सकें। नगर निगम के कर्मचारियों को भी घाटों पर तैनात किया गया है। कर्मचारी श्रद्धालुओं को विसर्जन में सहयोग करने के साथ ही व्यवस्थाओं पर नजर रखेंगे। शुक्रवार दोपहर एक बजे अपर नगरायुक्त शिशिर कुमार, सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम ने हाथी घाट का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विसर्जन कुंड, बैरीकेडिंग, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं को परखा। जोनल सेनेटरी इंस्पेक्टर आशुतोष वर्मा को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि विसर्जन के दौरान घाट पर पर्याप्त संख्या में कर्मचारी मौजूद रहें और श्रद्धालुओं को प्रतिमा विसर्जन में हर संभव सहयोग दिया जाए।
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श्रद्धालुओं के लिए घाटों को आकर्षक रूप देने पर भी ध्यान दिया गया है। हाथीघाट समेत प्रमुख विसर्जन स्थलों पर आकर्षक रंगोलियां बनाई गई हैं। साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। निगम प्रशासन की कोशिश है कि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो।