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बिहार के सीतामढ़ी में इलाज के नाम पर बच्चों के साथ की जा रही ऐसी हरकत का वीडियो सामने आया है, जिसे देखकर किसी के भी होश उड़ सकते हैं. कहानी परिहार थाना क्षेत्र के गांव महादेवपट्टी की है. यहां एक तांत्रिक के पास लोगों की भीड़ जुटी थी. वजह थी इलाज. वीडियो में दिखाई दे रहा है कि तांत्रिक बच्चों को अपने हाथों में उठाता है और फिर हवा में उछालता है.
और कहानी का दूसरा हिस्सा इससे भी ज्यादा परेशान करने वाला है. वहां लोग मौजूद थे. भीड़ खड़ी थी. महिलाएं भी थीं. लेकिन वीडियो में ऐसा नहीं दिखता कि कोई इस तरीके को रोकने के लिए आगे बढ़ रहा हो. वहां मौजूद कुछ लोग इस पूरी प्रक्रिया को देखते रहे. यानी एक तरफ बच्चे थे, दूसरी तरफ तांत्रिक का दावा था और बीच में खड़ी थी लोगों की भीड़. फिर यह वीडियो सोशल मीडिया पर पहुंचा.
जैसे-जैसे वीडियो लोगों के मोबाइल तक पहुंचा, मामला चर्चा में आने लगा. सवाल उठने लगा कि बच्चों के साथ इस तरह की हरकत आखिर कैसे की जा सकती है. क्या इसे इलाज कहा जा सकता है? और अगर किसी बच्चे को इस दौरान चोट लग जाती तो जिम्मेदारी किसकी होती? इसके बाद परिहार थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की. पुलिस के मुताबिक, वीडियो में दिखाई दे रहे तांत्रिक की पहचान श्रवण महतो के रूप में हुई है.
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परिहार थानाध्यक्ष पंकज यादव के बयान पर श्रवण महतो के खिलाफ केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की कई धाराओं के साथ किशोर न्याय संरक्षण अधिनियम, 2015 के तहत भी मामला दर्ज किया है. अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है. सवाल है कि आखिर कोई परिवार अपने बच्चे को ऐसे कथित इलाज के लिए तांत्रिक के पास क्यों ले जाता है? बच्चे की तबीयत खराब होती है तो परिवार सबसे पहले डॉक्टर के पास जाता है. दवा होती है, जांच होती है, फिर इलाज होता है.
लेकिन जब बीमारी के साथ डर, उम्मीद और अंधविश्वास जुड़ जाता है, तो कई बार लोग ऐसे रास्तों तक पहुंच जाते हैं, जिनका कोई वैज्ञानिक आधार नहीं होता. इस मामले में भी यही सवाल है. अगर वायरल वीडियो में दिख रही हरकत को इलाज के नाम पर किया जा रहा था, तो क्या वहां मौजूद लोगों को इसके खतरे का अंदाजा था? या फिर अंधविश्वास के सामने उन्हें बच्चों की सुरक्षा का खतरा दिखाई ही नहीं दिया?
बच्चों के इलाज का फैसला बड़े लोग लेते हैं. इसलिए उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी बड़ों की ही होती है. हवा में उछालने जैसी हरकत में बच्चा गिर सकता है, हाथ से छूट सकता है या उसे चोट लग सकती है. ऐसे में इलाज के नाम पर किया जा रहा कोई भी ऐसा प्रयोग सवालों के घेरे में आ जाता है. फिलहाल सीतामढ़ी पुलिस ने FIR दर्ज कर दी है. वायरल वीडियो जांच का हिस्सा है और पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है.
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