Shreeom Singh
Date: 08-10-26 11:12
नई दिल्लीः भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने भारत और इजरायल को कट्टरपंथी इस्लामी आतंकवाद की नई लहर को लेकर चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि आतंकी संगठन सरकारों और सुरक्षा एजेंसियों के मुकाबले तेजी से अपनी क्षमता बढ़ा रहे हैं. फ्लाईदुबई विमान को हाईजैक करने की कोशिश के बीच अजार ने यह भी बताया कि हमास किस तरह भारत के आसपास मौजूद आतंकी संगठनों को प्रभावित कर रहा है.
इंडिया टुडे से बातचीत में अजार ने कहा कि आतंकवादी हमसे ज्यादा तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और हमें उनसे भी तेज रहना होगा. उन्होंने कहा कि अगर अगली इस्लामी आतंकी हमले की लहर से पहले तैयार रहना है तो सतर्कता और तेजी बढ़ानी होगी. उन्होंने साफ कहा कि आतंकवाद की अगली लहर आने वाली है. इजरायली राजदूत का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इजरायल 7 अक्टूबर 2023 के हमले की तीसरी बरसी मना रहा है. इसी हमले के बाद गाजा में लंबा और विनाशकारी युद्ध शुरू हुआ था.
आतंकी गुट आपस में ज्यादा सहयोग कर रहे
अजार से जब पूछा गया कि क्या आतंकी संगठन अब पहले से ज्यादा एक-दूसरे के साथ सहयोग कर रहे हैं, तो उन्होंने मध्य पूर्व से बाहर हमास की गतिविधियों का जिक्र किया.
उनके मुताबिक, पिछले एक साल में हमास के कई बड़े कमांडरों को पाकिस्तान और बांग्लादेश में देखा गया है. नाजी जहीर और खालिद अल-कदुमी जैसे हमास नेताओं की मौजूदगी जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के कार्यक्रमों में भी देखी गई है. हाल की खुफिया जानकारी में यह भी सामने आया है कि लश्कर-ए-तैयबा के कैडरों को हमास के ऑपरेशन के तरीकों की ट्रेनिंग दी जा रही थी.
पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र
अजार ने 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी उदाहरण दिया. उन्होंने इसे क्षेत्र में हमास के प्रभाव का नतीजा बताया. पहलगाम हमले में 25 पर्यटकों की मौत हुई थी, जिसके बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया था.
अजार ने कहा कि हमास ने इस क्षेत्र के आतंकी संगठनों को प्रेरित किया है और पहलगाम हमला भी इसी प्रभाव का नतीजा था. उन्होंने बताया कि हमास के प्रतिनिधियों को यहां आते और बैठकें करते देखा गया है, लेकिन पर्दे के पीछे क्या चल रहा है, इसकी पूरी जानकारी नहीं है.
कट्टरपंथ पर काबू पाने का तरीका निकालना होगा
इजरायल के राजदूत ने कहा कि यह खतरा अब हकीकत है और लोकतांत्रिक देशों को इससे निपटने के लिए अपनी क्षमता मजबूत करनी होगी. उन्होंने कट्टरपंथ और आतंकवाद को रोकने के लिए समय रहते कदम उठाने की जरूरत बताई.
उनकी यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब फ्लाईदुबई विमान से जुड़ी एक गंभीर घटना की जांच चल रही है. इस घटना में ओमान के एक को-पायलट पर आरोप है कि उसने कैप्टन पर हमला किया, विमान का कंट्रोल अपने हाथ में लेने की कोशिश की और उसे तेल अवीव में क्रैश करने की कोशिश की.
हालांकि, भारतीय नागरिक और विमान के कैप्टन स्मित मच्छार ने उसका मुकाबला किया. उन्होंने सही समय पर कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद कुछ यात्री अंदर पहुंचे और को-पायलट को काबू में कर लिया. को-पायलट की पहचान हमम अल-हम्ममी के रूप में बताई गई है.
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