60 के बाद महिलाएं 19 व पुरुष 17.5 साल जीते हैं, लेकिन अच्छे जीवन के साल उनसे कम – Dainik Bhaskar

उम्र बढ़ने के साथ जीवन के कितने साल ऐसे होते हैं, जब व्यक्ति आर्थिक तंगी, गंभीर शारीरिक परेशानी और बौद्धिक कठिनाइयों से मुक्त होकर संतुष्ट जीवन जी सके? इसी सवाल के आधार पर शोधकर्ताओं ने देश के प्रमुख राज्यों में जीवन के अच्छे वर्षों पर एक स्टडी की। इस स्टडी में सामने आया कि 60 साल की उम्र के बाद भारतीय महिलाओं की जीने की संभावना औसतन 19 साल है, जबकि पुरुषों की 17.5 साल।
इसके बावजूद महिलाओं को अच्छे जीवन के औसतन 5.7 साल ही मिलते हैं, जबकि पुरुषों के लिए यह अवधि 8.2 साल है। यानी महिलाएं औसतन पुरुषों से ज्यादा समय तक जीवित रहती हैं, लेकिन अच्छे जीवन के साल पुरुषों के मुकाबले कम होते हैं। अध्ययन में अच्छे जीवन का आकलन केवल उम्र के आधार पर नहीं किया गया। इसमें यह देखा गया कि व्यक्ति गरीबी से मुक्त है या नहीं, उसे गंभीर शारीरिक अक्षमता अथवा बौद्धिक कठिनाई तो नहीं है और वह अपने जीवन से संतुष्ट है या नहीं। इन सभी कसौटियों पर खरा उतरने वाले समय को अच्छे जीवन के वर्षों के रूप में गिना गया।
महाराष्ट्र की स्थिति सबसे खराब
21 राज्यों की सूची में पंजाब पहले, कर्नाटक दूसरे, हिमाचल प्रदेश तीसरे, केरल चौथे और जम्मू-कश्मीर पांचवें स्थान पर है। मध्य प्रदेश 17वें, छत्तीसगढ़ 16वें, गुजरात 18वें, ओडिशा 19वें, पश्चिम बंगाल 20वें स्थान पर है। मानव विकास सूचकांक में चौथे स्थान पर रहने वाला महाराष्ट्र अच्छे जीवन के वर्षों के आकलन में सबसे नीचे 21वें स्थान पर है।
बौद्धिक स्वास्थ्य भी अहम: स्टडी के अनुसार, राज्यों के बीच महिलाओं के अच्छे जीवन के वर्षों का करीब 46% अंतर बौद्धिक स्वास्थ्य से जुड़ा है। पुरुषों में 45% अंतर शारीरिक क्षमता से संबंधित है। इससे संकेत मिलता है कि उम्र बढ़ने के साथ अच्छे जीवन को बनाए रखने के लिए शारीरिक सेहत के साथ बौद्धिक स्वास्थ्य, आर्थिक सुरक्षा और जीवन से संतुष्टि पर भी ध्यान देना जरूरी है।
महिलाओं के अच्छे जीवन में पंजाब सबसे आगे, मिलते हैं 9.9 साल
60 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं के अच्छे जीवन के वर्षों के मामले में पंजाब सबसे आगे है। यहां महिलाओं को औसतन 9.9 साल अच्छे जीवन के मिलते हैं। दक्षिण भारत के राज्यों में केरलम में यह अवधि 8.15 साल, कर्नाटक में 7.79 साल और तमिलनाडु में 7.76 साल है। वहीं पश्चिम बंगाल में महिलाओं के अच्छे जीवन के वर्षों का अनुपात सबसे कम है। महाराष्ट्र दूसरे सबसे निचले स्थान पर है। इन दोनों राज्यों में 60 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं के शेष जीवन का क्रमशः करीब 19 और 21 प्रतिशत हिस्सा ही अच्छा जीवन माना गया है।
ग्रामीण महिलाओं के बीच बड़ा अंतर
देश में ग्रामीण महिलाओं को 60 की उम्र के बाद अच्छे जीवन के औसतन 4.6 साल मिलते हैं। ग्रामीण केरल में यह अवधि 10.1 साल है, जबकि महाराष्ट्र में केवल 2.7 साल। यानी ग्रामीण महाराष्ट्र की महिलाओं के शेष जीवन का करीब 14% हिस्सा ही अच्छा आंका गया। यह बताता है कि महिलाओं के जीवन की गुणवत्ता निवास के अनुसार अलग हो सकती है।
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