Ex IAS राकेश अग्रवाल मर्डर: 13 दिन बाद भी फरार वरुण का सुराग नहीं, भोपाल स्टेशन पर दिखा, MP-UP में लगे पोस्टर – AajTak

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MP News: राजधानी भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में 13 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस के हाथ आरोपी वरुण कुमार तक पहुंचने के लिए कोई अहम सुराग नहीं लगा है. पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी है, लेकिन उसका अब तक पता नहीं चल पाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए भोपाल पुलिस ने मध्य प्रदेश समेत पांच राज्यों में तलाश तेज कर दी है. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है. पुलिस की टीमें CCTV फुटेज, संभावित यात्रा मार्गों और अन्य तकनीकी जानकारियों के आधार पर उसकी तलाश कर रही हैं.
जांच में सामने आया कि आरोपी वरुण कुमार 27 सितंबर को प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल के घर काम करने आया था. घर में नौकरी मिलने के कुछ ही समय बाद यह मामला हत्या की वारदात में बदल गया. घटना के बाद से ही आरोपी फरार है. पुलिस उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है. हालांकि, इतने दिनों की जांच के बावजूद आरोपी की मौजूदगी के संबंध में कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आ सकी है.
भोपाल रेलवे स्टेशन के CCTV में कैद 
हत्या के बाद आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस को भोपाल रेलवे स्टेशन के CCTV फुटेज में उसकी गतिविधियां दिखाई दी थीं. फुटेज में वरुण कुमार तड़के 3 बजकर 51 मिनट पर स्टेशन परिसर में घूमता नजर आया था. इसके बाद पुलिस ने उसके संभावित यात्रा मार्गों और दूसरे स्थानों पर पहुंचने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया. पुलिस अलग-अलग क्षेत्रों के CCTV फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि स्टेशन के बाद आरोपी किस दिशा में गया और किन स्थानों पर पहुंचा.
100 से ज्यादा रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ
आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस उसके सामाजिक और पारिवारिक संपर्कों की भी पड़ताल कर चुकी है. अब तक 100 से अधिक रिश्तेदारों और दोस्तों से पूछताछ की गई है. आरोपी के पिता, बहन और दोस्तों से भी कई बार सवाल-जवाब किए गए हैं. हालांकि, पुलिस की जांच में अब तक इनमें से किसी की संलिप्तता सामने नहीं आई है. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फरार होने के बाद आरोपी ने किसी परिचित से संपर्क किया या किसी अन्य माध्यम से मदद ली.
मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं करना बना पुलिस के लिए चुनौती
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, पुलिस लगातार वरुण कुमार की तलाश कर रही है, लेकिन अभी तक कोई ऐसा अहम सुराग नहीं मिला है, जिससे उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सके. उन्होंने बताया कि आरोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था और अपने रिश्तेदारों से भी उसका ज्यादा संपर्क नहीं रहता था. यहां तक कि वह अपने माता-पिता से भी बहुत कम बातचीत करता था. यही वजह है कि पुलिस को उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों का पता लगाने में परेशानी हो रही है.
पांच राज्यों में तलाश, आगरा से वृंदावन तक लगाए पोस्टर
पुलिस ने आरोपी की तलाश का दायरा मध्य प्रदेश से बाहर बढ़ाते हुए पांच राज्यों में सर्चिंग शुरू की है. मध्य प्रदेश के अलावा पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी उसकी तलाश की जा रही है. वहीं, आगरा से वृंदावन तक 80 से अधिक स्थानों पर आरोपी के पोस्टर लगाए गए हैं, ताकि आम लोगों की मदद से उसके बारे में जानकारी मिल सके. पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है और स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई जा रही है.
गले पर बिच्छू जैसा टैटू, पहचान के लिए जारी की जानकारी
आरोपी की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने उसके गले पर बने एक खास टैटू की जानकारी भी जारी की है. उसके गले पर बिच्छू जैसा निशान बना हुआ है. पुलिस को उम्मीद है कि इस विशिष्ट पहचान के आधार पर आम लोग आरोपी को देखकर पहचान सकते हैं और उसके बारे में सूचना दे सकते हैं. आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को उसके बारे में जानकारी मिलती है, तो वह पुलिस को सूचित करे.
एक करोड़ रुपये की पुरानी धोखाधड़ी का एंगल भी जांच में शामिल
रिटायर्ड IAS अधिकारी की हत्या की जांच के दौरान करीब एक करोड़ रुपये की पुरानी धोखाधड़ी का मामला भी सामने आया है. पुलिस इस पहलू की भी पड़ताल कर रही है कि इस पुराने विवाद का हत्या की वारदात से कोई संबंध है या नहीं. हालांकि, इस एंगल को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पुलिस साक्ष्यों और उपलब्ध जानकारियों की जांच कर रही है. फिलहाल, आरोपी की गिरफ्तारी और हत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता लगाना पुलिस की प्राथमिकता है.
पुलिस का दावा- गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास
अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पुलिस की टीमें लगातार आरोपी की तलाश में जुटी हुई हैं. अलग-अलग क्षेत्रों के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और संभावित ठिकानों पर सर्चिंग जारी है. उन्होंने कहा कि आरोपी का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं. हालांकि, अब तक वरुण कुमार पुलिस की गिरफ्त से बाहर है.
रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर आरोपी वरुण कुमार कहां छिपा है और पांच राज्यों में लगातार तलाश के बावजूद पुलिस उस तक क्यों नहीं पहुंच पा रही है. फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है और आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही वारदात से जुड़े कई अहम सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है.
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