Water on Mars Planet: वैज्ञानिकों ने मंगल ग्रह की हजारों पहाड़ियों और टीलों में मिट्टी के खनिजों की मौजूदगी का पता लगाया है. ये खनिज लाल ग्रह पर अतीत में पानी के महासागर की ओर इशारा करते हैं.
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Science News in Hindi: मंगल पर 15,000 से अधिक पहाड़ियां और टीले मिले हैं जिनमें मिट्टी के खनिज की परतें हैं. ये परतें उस समय बनी थीं जब सतह पर बहते पानी ने चट्टानों के साथ प्रतिक्रिया की थी. वैज्ञानिकों का मानना है कि यह प्रक्रिया लगभग 4 अरब साल पहले हुई, जब लाल ग्रह के उत्तरी हिस्से पानी से भरे हुए थे.
यह खोज लंदन के Natural History Museum के वैज्ञानिक जॉन मैकनील और उनकी टीम ने की है. रिसर्चर्स ने NASA और ESA के अंतरिक्ष यानों द्वारा जुटाए गए हाई-रिज़ॉल्यूशन डेटा का यूज किया. यह डेटा NASA के Mars Reconnaissance Orbiter (MRO) और ESA के Mars Express व ExoMars Trace Gas Orbiter से मिला.
जॉन ने कहा, ‘यह रिसर्च बताती है कि अतीत में Mars की जलवायु पूरी तरह अलग थी. इन टीले और पहाड़ियों में मिट्टी के खनिजों की प्रचुरता दिखाती है कि वहां लंबे समय तक तरल पानी मौजूद था.’
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मंगल ग्रह का भूगोल
मंगल की सतह को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है. दक्षिण में पुराने, ऊंचे पहाड़ हैं, जबकि उत्तर में निचले मैदानी इलाके. वैज्ञानिकों का मानना है कि इन उत्तरी मैदानी इलाकों में कभी पानी से भरा महासागर था. मंगल के गर्म और गीले अतीत के सबूत अब तक की स्टडीज से साफ हो चुके हैं, जिसमें नदियां, झीलें और शायद महासागर भी शामिल थे.
जॉन और उनकी टीम ने उत्तरी इलाके में प्राचीन समुद्र का एक और सबूत खोजा है: Chryse Planitia इलाके में मिट्टी के खनिजों से भरे हजारों टीले और पहाड़ियां. यही पर 1976 में NASA के Viking 1 मिशन ने लैंड किया था.
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मंगल पर चट्टानों की परतों में क्या मिला?
रिसर्चर्स ने NASA के Mars Reconnaissance Orbiter के HiRISE और CRISM इंस्ट्रमेंट्स, और ESA के Mars Express व ExoMars Trace Gas Orbiter से प्राप्त हाई-रिज़ॉल्यूशन इमेजिंग और स्पेक्ट्रल डेटा का यूज किया. उन्होंने पाया कि Mars की ये पहाड़ियां और टीले परतदार चट्टानों से बनी हैं.

इन परतों में लगभग 1,150 फीट (350 मीटर) तक मिट्टी के खनिज पाए गए. ये खनिज तब बने जब तरल पानी ने चट्टानों में रिस कर लाखों वर्षों तक प्रतिक्रिया की. जॉन ने कहा, ‘यह दर्शाता है कि सतह पर लंबे समय तक बहुत सारा पानी मौजूद था. यह पानी शायद मंगल के उत्तरी महासागर से आया हो सकता है, लेकिन यह विचार अभी भी विवादित है.’
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मिट्टी वाली इन परतों के नीचे और ऊपर की चट्टानों में मिट्टी के खनिज नहीं पाए गए. इससे साफ स्पष्ट होता है कि यह परतें Mars के Noachian युग (4.2 से 3.7 अरब वर्ष पहले) के दौरान बनी थीं, जब तरल पानी की उपस्थिति सामान्य थी. जॉन और उनकी टीम की रिसर्च 20 जनवरी को Nature Geoscience जर्नल में छपी है.
यह इलाका ESA के Rosalind Franklin रोवर मिशन के लिए अहम हो सकता है, जो 2028 में Mars पर जीवन के सबूत खोजने के लिए लॉन्च होगा. Rosalind Franklin रोवर का लक्ष्य Oxia Planum है, जो मिट्टी वाले इन टीले वाले इलाके से जुड़ा हुआ है.
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