अरुणाचल सीमा पर भारत-चीनी सैनिक क्यों आ जाते हैं आमने-सामने? CM पेमा खांडू ने बताई असली वजह – Jagran

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने भारत-चीन सीमा पर होने वाले 'उल्लंघनों' को सामान्य बताया है। उन्होंने कहा कि …और पढ़ें
CM खांडू ने भारत-चीन सीमा पर ‘उल्लंघन’ को सामान्य बताया
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने गुरुवार को कहा कि भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ की घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। लेकिन जोर देकर कहा कि फिलहाल राज्य के सीमावर्ती इलाकों में स्थिति सामान्य है और भारतीय सशस्त्र बल सीमा की प्रभावी ढंग से रक्षा कर रहे हैं।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, तवांग में आयोजित अंतराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट में मुख्यमंत्री ने कहा, ‘इसमें कोई शक नहीं कि घुसपैठ हुई है। लेकिन ऐसा होता रहता है; यह कोई नई बात नहीं है।’
खांडू ने आगे कहा कि भारत -चीन सीमा का स्पष्ट रूप से सीमांकन नहीं किया गया है। अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर कई जगहों पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच टकराव को लेकर हाल ही में दिए गए बयानों पर पूछे गए सवालों के जवाब में खांडू ने कहा कि चीन ‘मैकमोहन रेखा’ को मान्यता नहीं देता, जो अरुणाचल प्रदेश को तिब्बत से अलग करती है।
‘अरुणाचल की तिब्बत-चीन के साथ बहुत लंबी सीमा है, जो लगभग 1200 किलोमीटर है। इसलिए, उनकी तरफ से गश्त करने वाली सेनाएं कभी-कभी हमारी तरफ आ जाती हैं। यह एक ‘उल्लंघन’ (transgression) है, न कि ‘घुसपैठ’ (intrusion)।’
हालांकि, उन्होंने यह नहीं बताया कि वे किन घटनाओं की बात कर रहे थे। पिछले हफ्ते भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में सीमा के कई इलाकों में चीनी सैनिकों के साथ टकराव जारी है, जिसके बाद से ही विवाद खड़ा हो गया है।
खांडू ने कहा कि उन्होंने समाचार रिपोर्टों में इस मुद्दे के बारे में देखा है और बताया कि इस विषय पर काफी चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा, ‘मीडिया ने इसे बेवजह तूल दे दिया है। अभी स्थिति सामान्य है और हमारे सशस्त्र बल सीमा की बहुत अच्छी तरह से रखवाली कर रहे हैं। फिलहाल तनाव जैसी कोई बात नहीं है।’
खांडू तवांग में 14वें इंटरनेशनल टूरिज्म मार्ट के उद्घाटन से पहले बोल रहे थे। इस कार्यक्रम में केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और अन्य नेता भी मौजूद थे। 
शेखावत ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार के तहत भारत की सीमाएं सुरक्षित हैं और चिंता की कोई बात नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मुद्दे को लेकर एक गलत नैरेटिव बनाने की कोशिश की जा रही है।
अगस्त 2005 में विदेश मंत्रालय ने राज्यसभा को बताया था कि चीन, अरुणाचल प्रदेश और तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र को अलग करने वाली मैकमोहन रेखा की वैधता पर सवाल उठाता है।
मंत्रालय ने यह भी कहा था कि ‘लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल’ (LAC) को लेकर भारत और चीन की अलग-अलग समझ है। दोनों पक्ष सीमावर्ती इलाकों में गश्त करते हैं और कभी-कभी चीनी सैन्य कर्मियों द्वारा सीमा पार करने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
यह भी पढ़ें- क्या अरुणाचल में घुसी चीनी सेना? वायरल वीडियो के दावों पर भारतीय सेना का बड़ा खुलासा, फैक्ट चेक में सामने आई सच्चाई
यह भी पढ़ें- अरुणाचल में तनाव के बाद भारत की चीन पर पैनी नजर, नाथुला-डोकलाम पर बढ़ी निगरानी; सिक्किम सीमा पर शांति

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News