INDIA ब्लॉक की रैली में कौन नहीं पहुंचा? यूथ कांग्रेस ने कई नेताओं को किया सस्पेंड – Hindustan

1 नवंबर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में ‘इंडिया’ गठबंधन की ‘वोट बचाओ’ महारैली के बाद अब कांग्रेस के अंदरूनी खेमे में बड़ा प्रशासनिक चाबुक चला है। महारैली और मिंटो रोड मार्च में शामिल न होने वाले यूथ कांग्रेस (IYC) के दर्जनों पदाधिकारियों पर गाज गिरा दी गई है। अब तक मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा समेत कई राज्यों के 80 से ज्यादा पदाधिकारियों को निलंबित कर कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

एनडीटीवी ने सूत्रों के हवाले से बताया, अनुशासनहीनता और लापरवाही बरतने वाले नेताओं की यह संख्या 500 तक पहुंच सकती है।

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यूथ कांग्रेस ने रैली में अपने नेताओं की मौजूदगी दर्ज करने के लिए हाई-टेक तरीका अपनाया था, जिसने कई गैरहाजिर नेताओं की पोल खोल दी।

मिंटो रोड असेंबली पॉइंट पर बारकोड स्कैनर लगाए गए थे और सभी राष्ट्रीय, राज्य व जिला स्तर के पदाधिकारियों को ‘With IYC’ ऐप के जरिए अपनी अटेंडेंस दर्ज करने का सख्त निर्देश दिया गया था।

यूथ कांग्रेस का दावा है कि मिंटो रोड पर करीब 15,000 कार्यकर्ता जमा हुए थे, लेकिन ऐप पर महज 2,831 लोगों ने ही चेक-इन किया। समीक्षा में पाया गया कि तकनीकी जानकारी नहीं होने, इंटरनेट की कम स्पीड और सुस्ती के कारण ज्यादातर पदाधिकारियों ने रजिस्ट्रेशन ही नहीं कराया।

मध्य प्रदेश से करीब 60, कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश से 13 और हरियाणा से 10 पदाधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। अन्य राज्यों में भी लिस्ट तैयार की जा रही है।

कार्रवाई की पुष्टि करते हुए भारतीय यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब ने मीडिया से कहा, “हमारी रैली बेहद सफल रही और देश भर से 15,000 से ज्यादा युवा कार्यकर्ता आए। लेकिन स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जिन पदाधिकारियों ने अनुशासनहीनता दिखाई, उन पर जवाबदेही तय करने के लिए कार्रवाई की गई है। गैर-जिम्मेदार लोगों को हटाकर अब मेहनत करने वाले कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। अगली बार हम दिल्ली में 50,000 लोग जुटाएंगे।”

यूथ कांग्रेस के अलावा कांग्रेस का ‘वॉर रूम’ अब मुख्य पार्टी संगठन के पदाधिकारियों और जिलाध्यक्षों की उपस्थिति की समीक्षा कर रहा है। ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत बनाए गए जिला अध्यक्षों की परफॉर्मेंस पर खास नजर है, और बिना ठोस कारण के रैली से गायब रहने वाले जिला अध्यक्षों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

रैली से पहले कांग्रेस संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने 10 लाख लोगों के जुटने का दावा किया था। हालांकि, पार्टी सूत्रों के मुताबिक वास्तविक संख्या 1 लाख (दावे के 10% से भी कम) के आसपास रही, जिसकी अब समीक्षा की जा रही है।

बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने चुटकी लेते हुए कहा कि रामलीला मैदान की 28,000 कुर्सियों में से 5,000 से 7,000 कुर्सियां खाली पड़ी थीं और 40% मैदान खाली था।

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