2024 में दिखी नई इंडिया की झलक? 80 कंपनियों ने ऐसे बटोरे 1 लाख करोड़ रुपए – TV9 Bharatvarsh

कैलेंडर वर्ष 2024 (CY24) भारतीय कंपनियों के लिए क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट(QIP) के माध्यम से धन जुटाने का ऐतिहासिक वर्ष साबित हुआ है. अब तक 80 कंपनियों ने 1.13 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं, जो कि CY23 के 38,220 करोड़ रुपए की तुलना में तीन गुना अधिक है. यह आंकड़ा 2020 के 80,816 करोड़ रुपए के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ चुका है.
यदि गोदरेज प्रॉपर्टीज़ और केबल और वायर फर्म KEI इंडस्ट्रीज के मौजूदा QIP, जो कुल 8,000 करोड़ रुपए हैं, सफलतापूर्वक पूरे होते हैं, तो CY24 में कुल राशि 1.21 ट्रिलियन रुपए तक पहुंचने की संभावना है. स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा के अनुसार, यह साल द्वितीयक बाजारों और प्रमोटरों के लिए शानदार रहा है, जिन्होंने बाज़ार में तेज़ी का फ़ायदा उठाते हुए भविष्य के लिए फंड जुटाया.
नवंबर में वॉकहार्ट, वरुण बेवरेजेज, और ज़ोमैटो ने मिलकर 17,000 करोड़ रुपए जुटाए. ज़ोमैटो का 8,500 करोड़ रुपए का QIP इस वर्ष का सबसे बड़ा प्रस्ताव है, जिसका उपयोग प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचे, ब्रांडिंग और मार्केटिंग पर खर्च करने की योजना है. गोदरेज प्रॉपर्टीज़ ने भूमि अधिग्रहण और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए 6,000 करोड़ रुपए जुटाने का QIP जारी किया है.
अदाणी समूह ने भी इस क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है. अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस ने अगस्त में 8,373 करोड़ रुपए जुटाए, जो भारतीय बिजली क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी धनराशि है.
QIP से जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनियां मुख्य रूप से कर्ज चुकाने, बैलेंस शीट मजबूत करने, कैपिटल एक्सपेंडिचर और विकास के नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए कर रही हैं. विश्लेषकों के मुताबिक, QIP का चलन वैल्यूएशन के ऊंचे स्तर और बाजार में तेजी के समय सबसे ज्यादा होता है.
अक्टूबर तक, 77 कंपनियां 96,321 करोड़ रुपए जुटा चुकी थीं. अगस्त 2020 में छह कंपनियों ने मिलकर 39,032 करोड़ रुपए जुटाए थे, जो अब तक किसी एक महीने में QIP के ज़रिए जुटाई गई सबसे बड़ी राशि है. लेकिन CY24 का प्रदर्शन इन सभी आंकड़ों को पार कर गया है, जो भारतीय बाजार की बढ़ती ताकत और निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है.

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