पहलगाम आतंकी हमले के बाद पीओके में पाकिस्तान के आतंकियों और सेना की धुक-धुक दिन बीतने के साथ-साथ बढ़ती जा रही है. ऐसा होना लाजमी भी है क्योंकि किसी भी वक्त भारतीय सेना का प्रहार हो सकता है. पीओके में आर्मी और लोग तेजी से असला और रसद भरने में लगे हुए हैं. इससे पहले आर्मी पहलगाम नरसंहार का बदला ले, भारत सरकार की तरफ से पाकिस्तान पर आज यानी 3 मई को ट्रिपल अटैक किया गया है. एक दिन में पाकिस्तान के खिलाफ तीन ऐसे कदम उठाए गए हैं, जिसके चलते पहले से कंगाल पाकिस्तान दाने-दाने के लिए तरसने की स्थिति में आ सकता है. चलिए हम आपको आज भारत सरकार के द्वारा पाकिस्तान पर लिए गए इन कड़े कदमों के बारे में बताते हैं.
पाकिस्तानी जहाजों की भारतीय पोर्ट पर एंट्री बैन
भारत सरकार की तरफ से आज यह निर्णय लिया गया है कि पकिस्तान का कोई भी जहाज भारतीय पोर्ट पर एंट्री नहीं लेगा. पाकिस्तानी कमर्शियल शिप की भारत के सभी पोर्ट पर एंट्री को बैन कर दिया गया है. सरकारी आदेश में कहा गया है कि पाकिस्तान का फ्लैग लगे किसी भी जहाज को भारतीय पोर्ट पर प्रवेश करने की इजाजत नहीं दी जाएगी. ऐसा पाकिस्तान के साथ ट्रेड को पूरी तरह से खत्म करने के निर्णय का और मजबूत से पालन करने के लिए लिया गया है.
पाकिस्तान से इनडायरेक्ट इम्पोर्ट बंद
पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था पर करारा प्रहार करते हुए भारत ने पड़ोसी देश से होने वाले सभी इनडायरेक्ट इम्पोर्ट को भी बंद कर दिया है. कॉमर्स मिनिस्ट्री ने आज अधिसूचना जारी कर विदेश व्यापार नीति (FTP) 2023 में बदलाव की घोषणा की. पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को करारी चोट देने के लिए डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरन ट्रेड जारी आदेश में कहा कि पाकिस्तान से कोई भी सामानआयात नहीं होगा. चाहे यह जैसे दुबई या सिंगापुर जैसे दूसरे देशों से आएगा तो भी उसपर बैन रहेगा. पहले डायरेक्ट ट्रेड बंद था लेकिन अब इनडायरेक्ट ट्रेड भी रोका जा रहा है. इससे पाकिस्तान को सालाना करीब 10 अरब डॉलर का नुकसान होने का अनुमान लगाया जा रहा है. इस निर्णय के बाद अब पाकिस्तान किसी दूसरे देश के जरिए भी भारत की दवाएं नहीं खरीद पाएगा.
भारत ने पाकिस्तान से पोस्टल सेवा भी रोकी
पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ तीसरा प्रहार करते हुए भारत सरकार ने पड़ोसी देश के साथ जुड़ी डाक सेवाओं यानी पोस्टल सर्विसेज को भी पूरी तरह बंद करने का ऐलान आज किया. कॉमर्स मिनिस्ट्री और विदेश मंत्रालय की ज्वाइंट अधिसूचना के तहत यह आदेश लागू किया जाएगा, जिसे पाकिस्तान संग राष्ट्रीय सुरक्षा और कूटनीतिक दबाव की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. कहा गया कि अब भारत और पाकिस्तान के बीच पत्र, पार्सल और दस्तावेजों का आदान-प्रदान पूरी तरह रुक गया है. इससे पहले 2019 के पुलवामा हमले और 1971 के युद्ध के दौरान भी डाक सेवाएं ऐसे ही बंद कर दी गई थी. इस कदम से पाकिस्तान के छोटे व्यापारियों, ई-कॉमर्स और आम नागरिकों को बड़ा झटका लगेगा.