किसानों-कर्मचारियों के 120 करोड़ की देनदारी का एक्शन प्लान तैयार, सरैया चीनी मिल को दोबारा चालू करने की तैयारी (S
Gorakhpur News: बंद पड़े खाद कारखाने और पिपराइच चीनी मिल के चालू होने के बाद प्रदेश सरकार ने सरदारनगर में सरैया चीनी मिल को दोबारा चालू करने की कवायद शुरू कर दी है। बरेली के उद्यमी मनीष अग्रवाल ने इसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। वह प्राथमिक तौर पर कर्मचारियों और किसानों की देनदारी चुकता करने को तैयार हैं। उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप चीनी मिल के चालू होने की बाधाओं को जल्द दूर कर लिया जाएगा।
कोका कोला के बाटलिंग प्लांट से लेकर बरेली में डिस्टलरी यूनिट संचालित करने वाले उद्यमी मनीष अग्रवाल ने चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल और विष्णु अजीतसरिया के चीनी मिल और डिस्टलरी को संचालित करने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की है। उद्यमी और प्रशासन के अधिकारी सरदारनगर पहुंच कर चीनी मिल और डिस्टलरी को चालू करने की संभावनाओं के देख चुके हैं। उद्यमी किसानों का गन्ना मूल्य से लेकर कर्मचारियों की करीब 120 करोड़ रुपये की देनदारी देने पर सहमत हैं। चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के पूर्व अध्यक्ष एसके अग्रवाल का कहना है कि सरदार नगर चीनी मिल और खाद कारखाना गोरखपुर की आर्थिक प्रगति की धुरी रहे हैं। चीनी मिल से किसानों के साथ ही कारोबार को भी काफी मदद मिलेगी। स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार भी मिलेगा।
सरैया शुगर मिल अप्रैल, 2012 से बंद है। पंजाब नेशनल बैंक के ब्याज सहित कुल 65 करोड़ के बकाए में सरैया इंडस्ट्रीज एनसीएलटी कोर्ट में चली गई थी। जिसके बाद सरैया डिस्टिलरी 17 मई, 2022 से एनसीएलटी कोर्ट को हैंडओवर हुई थी। भूसी यार्ड, बायोगैस गैस प्लांट, एसटीपी प्लांट, बायोगैस प्लांट, बायो कम्पोस्ट आदि मालिको के एलपीके ट्रस्ट की भूमि में है। डिस्टिलरी के सप्लायर और कर्मचारियों का ब्याज सहित कुल 100 करोड़ देनदारी है। चीनी मिल और डिस्टिलरी का पीएफ भी लगभग 8 करोड़ बकाया है। उद्यमी मनीष अग्रवाल का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों का चीनी मिल और डिस्टलरी को दोबारा चालू करने को लेकर पूरा सहयोग मिल रहा है।