दौसा में घर से 100 फीट दूर खेत में बने बोरवेल में 5 साल का मासूम गिर गया। बच्चा बोरवेल में 150 फीट गहराई में फंसा है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। एनडीआरएफ की टीम ने बोरवेल में वाटरप्रूफ कैमरा डाला
बच्चे को सकुशल बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चल रहा है। 7 जेसीबी से बोरवेल के पास मिट्टी खोदी जा रही है। गहरी खुदाई के लिए एलएनटी मशीन भी बुलाई गई है। हादसा पापड़दा थाना इलाके के कालीखाड़ गांव में हुआ।
खेलते समय पैर फिसला, 160 फीट गहरे बोरवेल में गिरा पिता जगदीश मीणा ने बताया- दोपहर करीब 3 बजे आर्यन (5) खुले बोरवेल में गिर गया। मेरी पत्नी खेत में बनी टंकी पर नहा रही थी। इस दौरान आर्यन वहां खेल रहा था। अचानक आर्यन का पैर फिसल गया और मां के सामने खुले पड़े बोरवेल में गिर गया।
उन्होंने बताया- बोरवेल करीब 160 फीट गहरा है, जिसे 3 साल पहले खुदवाया गया था। हालांकि इसमें शुरुआत में ही मोटर फंसने के कारण इस बोरवेल का उपयोग नहीं किया जा रहा था। बोरवेल खुला पड़ा था।
कैमरे में 150 फीट पर दिखा बच्चे का मूवमेंट बच्चे के बोरवेल में गिरने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सिविल डिफेंस की टीम को मौके पर बुलाकर रेस्क्यू शुरू किया। मेडिकल टीम बोरवेल में पाइप से बच्चे तक ऑक्सीजन पहुंचा रही है। हादसे की जानकारी मिलने पर दौसा विधायक डीसी बैरवा और कलेक्टर देवेंद्र कुमार भी मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से जानकारी ली।
महवा विधायक राजेंद्र मीणा ने भी कलेक्टर से फोन पर बात की और रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी ली। शाम करीब 6 बजे जयपुर से एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और बोरवेल में कैमरा डाला। 150 फीट गहराई पर बच्चे का मूवमेंट नजर आया।
SDRF ने तैयार किया देसी जुगाड़ एसडीआरएफ टीम ने मासूम को बाहर निकालने के लिए हैंडपंप की रॉड से देसी जुगाड़ भी तैयार किया। हालांकि इसका इस्तेमाल नहीं किया। रात करीब 9:15 बजे अजमेर से एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और टीम ने आते ही तेजी से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। रात को सर्दी में भी बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुटे हैं।
देखिए रेस्क्यू ऑपरेशन की तस्वीरें…
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