AK-203 के बाद अब AK-19 कार्बाइन और PPK-20 सबमशीन बनेगी अमेठी में, रूस से डील पर बातचीत – आज तक

Feedback
भारत और रूस अपनी रक्षा साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाने जा रहे हैं. दोनों देशों ने AK-19 कार्बाइन और PPK-20 सबमशीन गन के संयुक्त उत्पादन की योजना बनाई है, जो इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) में होगा.
इसके लिए रूस से पूरी तकनीक हस्तांतरण की बातचीत चल रही है, ताकि भारत में इन हथियारों का घरेलू उत्पादन हो सके. भविष्य में निर्यात भी शुरू हो. यह कदम भारत की सेना को मजबूत करेगा. आत्मनिर्भर भारत अभियान को बढ़ावा देगा.
 AK-19 कार्बाइन: विशेषताएं और लाभ
AK-19 एक आधुनिक कार्बाइन है, जो रूस की मशहूर कलाश्निकोव सीरीज का हिस्सा है. इसकी खासियतें हैं…
यह भी पढ़ें: दुनिया की सबसे खतरनाक मेड इन इंडिया राइफल…भारतीय सेना को मिली 48 हजार AK-203 गन
AK 19 carbine
भारत के लिए लाभ: AK-19 हल्का और विश्वसनीय है, जो भारतीय सेना के लिए ऊंचाई वाले इलाकों (जैसे लद्दाख) और आतंकवाद विरोधी ऑपरेशंस में उपयोगी होगा. घरेलू उत्पादन से लागत कम होगी. तकनीक भारत के पास रहेगी, जिससे निर्यात से आय भी बढ़ेगी.
यह भी पढ़ें: क्या पाकिस्तान के दोस्त तुर्की के पास भी है परमाणु बम बनाने की क्षमता?
PPK-20 सबमशीन गन: विशेषताएं और लाभ
PPK-20 एक छोटी और शक्तिशाली सबमशीन गन है, जो करीबी मुकाबले के लिए डिजाइन की गई है.
PPK 20 Submachine gun
भारत के लिए लाभ: PPK-20 पुलिस और विशेष बलों के लिए आदर्श है, खासकर आतंकवादी ठिकानों पर छापेमारी में. इसका घरेलू उत्पादन नौकरी पैदा करेगा और भारत को हथियार निर्यात में नई पहचान देगा.
यह भी पढ़ें: TRF पर अमेरिकी बैन के बाद पाकिस्तान बदल सकता है आतंकी संगठन का नाम… भारतीय खुफिया एजेंसियों की चेतावनी
संयुक्त उत्पादन की योजना
इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL), जो उत्तर प्रदेश के अमेठी में है, इस प्रोजेक्ट का केंद्र बनेगा. पहले से AK-203 राइफल्स का उत्पादन शुरू हो चुका है. अब AK-19 और PPK-20 को जोड़ा जा रहा है. रूस से तकनीक हस्तांतरण से भारत 100% स्वदेशी उत्पादन की ओर बढ़ रहा है. IRRPL का लक्ष्य 2030 तक 6 लाख से ज्यादा हथियार बनाना है, जो समय से पहले पूरा हो सकता है.
भारत को होने वाले फायदे
चुनौतियां और भविष्य
हालांकि, उत्पादन में देरी और लागत को लेकर पहले दिक्कतें आई थीं, लेकिन अब रफ्तार पकड़ ली गई है. रूस के यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी प्रतिबंधों का असर भी देखना होगा. फिर भी, यह साझेदारी भारत को हथियारों में आत्मनिर्भर बनाएगी. क्षेत्रीय शक्ति के रूप में स्थापित करेगी.
Copyright © 2025 Living Media India Limited. For reprint rights: Syndications Today
होम
वीडियो
लाइव टीवी
न्यूज़ रील
मेन्यू
मेन्यू

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News