Bhagalpur News: भागलपुर, मुख्य संवाददाता। विक्रमशिला सेतु पर परिचालन का भविष्य मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रस्तावित 23 अगस्त के कार्यक्रम में तय होगा। मुख्यमंत्री रविवार को धांधी-बेलारी असरगंज में बने कांवरिया शिविर का निरीक्षण करने आएंगे। उनके आगमन को लेकर प्रखंड स्तर पर तैयारी शुरू हो गई है। अधिकारियों और कर्मचारियों को सीएम कार्यक्रम की तैयारी से जुड़े तमाम कार्यों को मौजूदगी में कराने के लिए प्रतिनियुक्त किया गया है। बताया जा रहा है कि सीएम इस दौरान जिले के विकास से संबंधित प्रगति की जानकारी स्थानीय अधिकारियों से लेंगे। इस बैठक में ऊर्जा मंत्री बुलो मंडल, पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र, प्रमंडलीय आयुक्त समेत प्रमुख जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। इसलिए अधिक संभावना है कि विक्रमशिला सेतु की समस्या का निदान सीएम की मौजूदगी में हो सकेगा。
प्रशासनिक गलियारे में हो रही चर्चा के मुताबिक गंगा में बाढ़ को लेकर कोई नहीं चाह रहा है कि 28 अगस्त की रात से ही बेली ब्रिज खुलने लगे। बेली ब्रिज खुलने के बाद परिचालन पूरी तरह ठप हो जाएगा। जिससे नवगछिया अनुमंडल क्षेत्र ही जिला मुख्यालय से कट जाएगा। नदी में पानी अधिक रहने से नाव से लेकर स्टीमर परिचालन सुरक्षित नहीं रहेगा। बताया गया कि चूंकि 31 मई को भागलपुर दौरे पर आए सीएम ने समीक्षा के दौरान ही तय कर दिया था कि ट्रस ब्रिज का निर्माण 10 अक्टूबर तक पूर्ण कर लेना है। सीएम ने बैठक में ही सेतु के दीर्घकालिक पुनर्स्थापन की योजना को मंजूरी दे दी थी। ऐसे में बगैर उनके आदेश से शेड्यूल में परिवर्तन असंभव है।
इधर, निर्माण कार्य एजेंसी मे. एसपी सिंगला ने ट्रस ब्रिज तैयार करने के लिए निर्माण समग्रियां मंगानी शुरू कर दी है। अब तक स्पैनों में लगाए जाने वाले लोहे की शीट मेरठ व हरियाणा आदि से मंगाई गई है। कुछ सामान कल-परसों भी आने की संभावना है। आगामी 25 अगस्त को बेली ब्रिज इंस्टॉल करने वाली बीआरओ की टीम भी भागलपुर पहुंचेगी। इधर, प्रशासन लगातार सेतु बंद होने के बाद विकल्पों को बहाल कराने की तैयारी कर रहा है। सभी फेरी सेवा संचालकों की सूची तैयार हो गई है। 24-25 अगस्त को स्टीमर संचालकों के साथ बैठक संभावित है।
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अब तक की तैयारी के मुताबिक 28 अगस्त की रात से परिचालन बंद किया जाएगा। विकल्प के रूप में जलयानों को चलाया जाएगा। इसके लिए इच्छुक स्टीमर संचालकों से आवेदन मांगा गया है। शॉर्ट लिस्टेड संचालकों के साथ जल्द ही बैठक होगी। सेतु टूटने के बाद प्रशासन ने जो व्यवस्था की थी, वह इस बार भी जारी रहेगी।
– कुंदन कुमार, एडीएम (आपदा)।
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