Biharsharif News:
कल मनेगा करवा चौथ, चांद के दीदार के बाद खुलेगा व्रत पति की लंबी उम्र के लिए सुहागिनें रखेंगी निर्जला व्रत, शाम 5:10 से पूजा सोलह शृंगार कर सुहागिनें करेंगी पूजा, रात 7:50 बजे चंद्रोदय का अनुमान सरगी से शुरू होगी व्रत की परंपरा, छलनी से चांद और पति का करेंगी दीदार करवा चौथ पर दांपत्य प्रेम और विश्वास का उत्सव, कई पति भी रखेंगे व्रत चंद्रमा को अर्घ्य देकर सुहागिनें खोलेंगी व्रत, सुखी दांपत्य की करेंगी कामना पावापुरी, निज संवाददाता। पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ सुहागिन महिलाएं गुरुवार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ का निर्जला व्रत रखेंगी। इस दौरान महिलाएं सोलह शृंगार कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना करेंगी और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलेंगी। पटना के पंचांग के अनुसार, पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:10 से 6:27 बजे तक है, जबकि चंद्रोदय का अनुमानित समय रात 7:50 बजे बताया गया है। करवा चौथ की तैयारियों में महिलाएं जुट गई हैं। पूजा सामग्री, करवा, दीपक, मिठाई और शृंगार की वस्तुओं की खरीदारी की जा रही है। परंपरा के अनुसार, व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सास की ओर से दी गई सरगी ग्रहण करने के साथ होती है। इसमें फल, मिठाई और मेवे शामिल होते हैं। इसके बाद महिलाएं दिनभर अन्न-जल का त्याग कर पति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। शाम को भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की जाती है। महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनती हैं और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। चांद देखकर खोलेंगी व्रत : पंडित पुरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि करवा चौथ में चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व है। महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद छलनी से पहले चांद और फिर पति का चेहरा देखती हैं। इसके बाद पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं। उन्होंने बताया कि वास्तविक चंद्रोदय का समय स्थान के अनुसार अलग हो सकता है। समय के साथ इस पर्व की परंपरा में भी बदलाव आया है। अब कई पति भी अपनी पत्नियों के साथ व्रत रखकर आपसी प्रेम, विश्वास और समान भागीदारी का संदेश दे रहे हैं।
हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में ‘हिन्दुस्तान’ विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play