बिलासपुर। 06 नवंबर 2026| छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका में छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता और दुर्ग लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय बघेल अदालत में उपस्थित हुए और अपनी गवाही दर्ज कराई। उनकी गवाही के बाद पूर्व सीएम भूपेश बघेल की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता ने तकरीबन डेढ़ घंटे तक प्रतिपरीक्षण (क्रॉस एग्जामिनेशन) किया। इस दौरान याचिकाकर्ता से चुनाव याचिका से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सवाल-जवाब किए गए।
चुनाव याचिका की अगली सुनवाई के लिए कोर्ट ने 17 नवंबर की तिथि तय कर दी है। इस दिन पूर्व सीएम की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता याचिकाकर्ता से प्रतिपरीक्षण करेंगे।
सीलबंद मोबाइल को किया चार्ज, फिर किया सीलंबद
जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल के सिंगल बेंच ने याचिका के साथ पेश किए गए सीलबंद मोबाइल फोन को चार्ज करने की अनुमति दी। यह मोबाइल चुनाव याचिका में साक्ष्य के रूप में 17 जनवरी 2024 को जमा किया गया था।
चुनाव याचिकाकर्ता विजय बघेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता टीके झा ने आवेदन प्रस्तुत कर बताया कि लंबे समय से सीलबंद रहने के कारण मोबाइल की बैटरी डिस्चार्ज हो सकती है। इसलिए अदालत में सभी पक्षों की मौजूदगी में उनके उपलब्ध कराए गए चार्जर से मोबाइल चार्ज करने की अनुमति मांगी गई। प्रमुख पक्षकार व पूर्व सीएम भूपेश बघेल की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने भी इस पर आपत्ति नहीं जताई।
कोर्ट ने आवेदन स्वीकार करते हुए सीलबंद लिफाफे से मोबाइल निकलवाकर तकनीकी कर्मचारियों की निगरानी में चार्ज कराया। दोपहर 3:15 से शाम 4:30 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पर रहा और उसकी बैटरी 13 प्रतिशत तक चार्ज हुई। इसके बाद मोबाइल बंद कर दोबारा सीलबंद किया गया। सील पर याचिकाकर्ता, उनके अधिवक्ता और भूपेश बघेल के अधिवक्ता ने हस्ताक्षर किए।
पढ़िए क्या है मामला?
दुर्ग सांसद विजय बघेल ने भूपेश बघेल की विधायकी खत्म करने के लिए चुनाव याचिका लगाई है। साल 2024 में दायर इस याचिका में आरोप लगाया गया है, विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान से ठीक पहले प्रचार बंद होने की अवधि में पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अपने समर्थकों के साथ पाटन क्षेत्र में रैली और रोड शो किया था। रोड शो के दौरान चुनावी नारे लगवाए और वोट मांगकर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 का सीधा उल्लंघन किया, जिसका वीडियो भी बनाया गया था।
कोर्ट ने पूर्व सीएम की आपत्ति को पहले भी कर दिया था खारिज
इस मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व सीएम भूपेश बघेल की तरफ से 16 बिंदू पेश कर बताया कि याचिका चलने योग्य नहीं है। याचिकाकर्ता ने जो भी आरोप लगाए हैं, उसका कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है और न ही आचार संहिता उल्लंघन करने का कोई साक्ष्य पेश किया गया है। चुनाव याचिका को खारिज करने के लिए हाई कोर्ट में आवेदन दिया था, जिसे कोर्ट ने खारिज करते हुए याचिका चलने के लिए पर्याप्त आधार होना बताया था।
सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सीएम को दिया था ये निर्देश
छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट से एक अन्य अर्जी खारिज होने के बाद भूपेश बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें हाई कोर्ट के सामने दोबारा याचिका की मेंटेनेबिलिटी पर नए सिरे से आवेदन लगाने की छूट दी थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के मद्देनजर हाई कोर्ट में आवेदन लगाया था, जिसे अब हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने पूर्व सीएम को को छूट देते हुए कहा है, ट्रायल के दौरान सबूतों की प्रामाणिकता और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स की वैधता पर अपनी आपत्तियां उठाने के लिए स्वतंत्र हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री की ओर से सुप्रीम कोर्ट में उठाई गई एक प्रमुख आपत्ति
जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 81 के तहत निर्धारित 45 दिनों की वैधानिक समयसीमा से संबंधित है। 28 सितंबर को हुई पिछली सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि चुनाव याचिका समयसीमा के बाद दायर की गई थी और इसे शुरुआती चरण में ही खारिज कर दिया जाना चाहिए था।
याचिकाकर्ता विजय बघेल के हलफनामे का हवाला देते हुए कपिल सिब्बल ने बताया था कि उस पर 22 जनवरी, 2024 की तारीख दर्ज है, जबकि चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद 45 दिनों की अवधि 17 जनवरी, 2024 को समाप्त हो गई थी। सिब्बल ने कहा था, जब हलफनामा समय पर दाखिल नहीं किया गया है, तो चुनाव याचिका आगे कैसे बढ़ सकती है? हलफनामा समय पर दाखिल होना चाहिए।” कोर्ट ने तब कहा था कि तारीखों की सत्यता और उनके कानूनी प्रभाव का निर्धारण साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा। कोर्ट ने यह भी सवाल किया था कि समयसीमा से जुड़ी आपत्ति पहले क्यों नहीं उठाई गई थी।
राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।