CG Teacher News: स्कूली बच्चों की जान के साथ खिलवाड़: स्कूली बस में ओवर क्राउड! ये तो गजब हो गया – NPG News

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सारंगढ़। 28 अक्टूबर 2026| स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर यातायात विभाग ने सारंगढ़ क्षेत्र में निजी स्कूलों के वाहनों की जांच की। इस दौरान कुछ स्कूल बसों में निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने और सुरक्षा संबंधी जरूरी मानकों का पालन नहीं करने की स्थिति सामने आई।
विभाग की टीम ने संबंधित वाहन संचालकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए नियमों के अनुरूप वाहन चलाने की हिदायत दी। यातायात विभाग ने केपी हायर सेकेंडरी स्कूल, बंधापाली, न्यू इंडिया पब्लिक स्कूल, माधोपाली और भारतमाता स्कूल, सालर सहित अन्य निजी स्कूलों के वाहनों की जांच की। इस दौरान बसों में बच्चों की संख्या और सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों का निरीक्षण किया गया।
निर्धारित क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाने और जरूरी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने पर संबंधित संचालकों के चालान काटे गए। यातायात विभाग ने स्कूल प्रबंधन और बस संचालकों को निर्देश दिए कि वाहनों में निर्धारित क्षमता के अनुसार ही बच्चों को बैठाया जाए। स्कूली वाहनों में सुरक्षा संबंधी सभी जरूरी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
क्षमता और संचालन संबंधी नियम
• बच्चों की संख्या: 12 वर्ष से कम आयु के बच्चों के मामले में, बस में ले जाए जाने वाले बच्चों की संख्या निर्धारित बैठने की क्षमता के डेढ़ गुना से अधिक नहीं होनी चाहिए। 12 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे को एक व्यक्ति माना जाता है।
• अटेंडेंट/कंडक्टर: बस में एक प्रशिक्षित अटेंडेंट या स्कूल का कर्मचारी मौजूद रहना अनिवार्य है।
• ड्राइवर के नियम: ड्राइवर के पास भारी वाहन चलाने का कम से कम 5 साल का अनुभव होना चाहिए और उसका पुलिस सत्यापन Police Verification होना जरूरी है।
• दरवाजे का लॉक: बस के दरवाजे सुरक्षित और विश्वसनीय लॉक वाले होने चाहिए, और बस पूरी तरह रुकने के बाद ही दरवाजे खुलने चाहिए।
तकनीकी एवं सुरक्षा उपकरण
• गति सीमा (Speed Limit): बस में स्पीड गवर्नर लगा होना चाहिए और इसकी अधिकतम गति 40 किमी प्रति घंटा तय है।
• जीपीएस और सीसीटीवी: बस के अंदर लाइव ट्रैकिंग के लिए GPS और सुरक्षा के लिए चालू CCTV कैमरे लगे होने चाहिए।
• आपातकालीन द्वार: बस में कम से कम एक या दो इमरजेंसी एग्जिट (आपातकालीन निकास) और सायरन होना अनिवार्य है।
• खिड़कियों की ग्रिल: बस की खिड़कियों पर लोहे की मजबूत क्षैतिज ग्रिल (Horizontal Grills) लगी होनी चाहिए।
• अग्निशामक यंत्र और फर्स्ट-एड: बस में चालू स्थिति में फायर एक्सटिंग्विशर (अग्निशामक यंत्र) और फर्स्ट-एड बॉक्स रखना अनिवार्य है।
• बैग रखने की जगह: बच्चों के स्कूल बैग रखने के लिए सीटों के नीचे पर्याप्त जगह होनी चाहिए, बैग खिड़की से बाहर नहीं लटकाए जाने चाहिए।
राधाकिशन शर्मा: शिक्षा: बीएससी, एमए राजनीति शास्त्र व हिन्दी साहित्य में मास्टर डिग्री, वर्ष 1998 से देशबंधु से पत्रकारिता की शुरुआत। हरिभूमि व दैनिक भास्कर में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया। 2007 से जुलाई 2024 तक नईदुनिया में डिप्टी न्यूज एडिटर व सिटी चीफ के पद पर कार्य का लंबा अनुभव। 1 अगस्त 2024 से एनपीजी न्यूज में कार्यरत।

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