जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई (Photo- Social Media)
Chandauli News: कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में चल रही स्वास्थ्य सेवाओं और योजनाओं का मूल्यांकन करना था, ताकि उन्हें और अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनता के लिए उपयोगी बनाया जा सके। जिलाधिकारी ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि जिले में सभी स्वास्थ्य सुविधाएं हर समय पूरी तरह से सुलभ और व्यवस्थित रहें।
जिलाधिकारी ने प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी/सीएचसी) पर डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की नियमित उपस्थिति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह अनिवार्य है कि सभी स्वास्थ्य केंद्र निर्धारित समय पर खुलें और मरीजों को उचित चिकित्सा सुविधा मिले। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे आवश्यकतानुसार खाली पदों को तुरंत भरें, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में कोई बाधा न आए।
बैठक में दवाओं की उपलब्धता एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहा। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया कि सभी स्वास्थ्य इकाइयों में आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडार हमेशा मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने जन औषधि केंद्रों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा करने और उनमें सुधार लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसरों में स्वच्छता, पीने के पानी, शौचालय और बिजली की व्यवस्था पर कड़ी निगरानी रखने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालय, छायादार स्थान और दिशा-सूचक बोर्ड भी उचित रूप से व्यवस्थित किए जाएं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं, जैसे जननी सुरक्षा योजना, आयुष्मान भारत, मिशन इंद्रधनुष, टीकाकरण अभियान और परिवार नियोजन कार्यक्रम की प्रगति की समीक्षा भी बैठक में की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इन योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सीएचसी/पीएचसी स्तर पर आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएं और जमीनी स्तर पर काम करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सीएचसी/पीएचसी के चिकित्सा अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि वे नवजात शिशुओं को अस्पताल से छुट्टी देने से पहले उनका जन्म प्रमाण पत्र शत-प्रतिशत जारी करें। इसके अलावा, उन्होंने टीबी के मरीजों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को सौंपे गए निर्देशों और जिम्मेदारियों का सख्ती से पालन करने की बात कही, ताकि आम जनता को आसानी से उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर जगत सांई, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ वाई के राय, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी और विभिन्न सीएचसी/पीएचसी के चिकित्साधिकारी भी उपस्थित थे।
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