CJP के प्रवक्ता समेत 2 नेता गायब? दिल्ली पुलिस पर आरोप; अभिजीत दीपके घर पर – Hindustan

कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस पर बड़े आरोप लगाए हैं। पार्टी नेता रत्ना सिंह ने कहा है कि दो पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया गया था, जिसके बाद से ही दोनों के बारे में कोई जानकारी नहीं है। खास बात है कि सीजेपी सोमवार सुबह दिल्ली पुलिस के पास अनुमति लेने गई थी और 24 घंटे का समय प्रदर्शन की तारीख बताने के लिए दिया गया है। इससे पहले शनिवार को हुए प्रदर्शन के दौरान फाउंडर अभिजीत दीपके, दास और आशुतोष रांका समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया था और फिर छोड़ दिया गया।

CJP की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने दो पदाधिकारियों के नाम भी बताए थे। उन्होंने रविवार को लिखा, ‘हमारे राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधीर सांगवान और सह सचिव बालकृष्णन शुक्ला को दिल्ली पुलिस ने शाम को कनॉ प्लेस से हिरासत में ले लिया था। वो कहां हैं इसकी कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।’

उन्होंने लिखा, ‘वो कहां हैं, इसकी जानकारी दिए बगैर उन्हें क्यों हिरासत में रखा हुआ है। दिल्ली पुलिस को उनकी स्थिति तत्काल बतानी चाहिए। यह बताएं कि उन्हें कहां रखा गया है और सुनिश्चित करें कि सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है। पुलिस कानून बनाए रखने के लिए जिम्मेदार है, उससे ऊपर उठकर काम करने के लिए नहीं।’

पार्टी के शीर्ष नेताओं में शामिल सौरभ दास ने लिखा, ‘हम हमारे संगठन के सदस्य बालकृष्णन और सुधीर की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।’ उन्होंने लिखा, ‘दिल्ली पुलिस ने आज उन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के दौरान हिरासत में ले लिया था और उनके ठिकाने के बारे में जानकारी नहीं है। उनका पता लगाने की हमारी सारी कोशिशें बेकार गईं। बालकृष्ण के भाई को जान की चिंता सता रही है।’

उन्होंने आगे लिखा, ‘दिल्ली पुलिस उन्हें गैर कानूनी रूप से हिरासत में रखे हुए हैं। उनका किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। साथ ही उन्हें उनकी पसंद के वकील देने और परिवार के सदस्यों से बात नहीं करने दी जा रही। यह आज सुप्रीम कोर्ट के आदेश का सीधा सीधा उल्लंघन है। अगर उनके ठिकानों की जानकारी तत्काल नहीं दी गई, तो हमारे वकील अवमानना की याचिका दाखिल की जाएगी।’

पार्टी नेता आशुतोष रांका ने सोमवार को कहा, ‘हम दिल्ली पुलिस से पूछ रहे हैं कि हम जंतर-मंतर पर कब विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं। हमें उम्मीद है कि पुलिस हमें तारीख देगी। अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम 24 घंटे के अंदर तय विरोध स्थल पर विरोध करने के लिए इकट्ठा होंगे।’ उन्होंने पूछा, ‘जिस तरह से दिल्ली पुलिस ने पूरी राष्ट्रीय राजधानी को बंद कर दिया है, वह पहले कभी नहीं हुआ। लोग परेशान हैं, व्यापार बंद हो गए हैं… त्योहार भी आ रहे हैं। आप हमें विरोध प्रदर्शन करने के लिए कोई तय जगह क्यों नहीं देते।’

{{info}}
आपने
{{correctCount}}/{{total}}
सही जवाब दिए
और ऐप पर पाएं ढेर सारे फायदे
क्विज़ खेलें  |  कॉइन जीतें  |  ज्यादा फ़ायदे पाएं

दीपके ने जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह की सूची से हटाने के फैसले की आलोचना की और चेतावनी दी कि अब पूरा देश जंतर-मंतर बन जाएगा। दीपके ने कहा कि अगर यही हालात रहे तो एक दिन ऐसा भी आ सकता है जब भाजपा देश से लोकतंत्र को ही हटा दे। दास ने कहा कि सरकार का जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन की जगह के तौर पर हटाने का फैसला उन्हें मंजूर नहीं है और वे इस मनमाने फैसले को नहीं मानते।

शनिवार को दिल्ली पहुंचने के बाद दीपके को भी हिरासत में ले लिया गया था। हालांकि, कुछ समय के बाद उन्हें छोड़ दिया गया और दादी के निधन की खबर पाकर वह गृह नगर छत्रपति संभाजीनगर रवाना हो गए थे। उन्होंने आरोप लगाए थे कि पुलिस ने असंवेदनशील रवैया अपनाने हुए दादी की मौत के सूचना के बाद उन्हें रिश्तेदार को कॉल करने के लिए मोबाइल नहीं दिया।

पुलिस का दावा है कि दीपके को उनकी दादी की मृत्यु की जानकारी पूरी संवेदनशीलता के साथ दी गई थी, लेकिन उन्होंने मानवीय आधार पर अपने गृह नगर जाने की पुलिस की पेशकश को खुद ही ठुकरा दिया था। दिल्ली पुलिस की जनसंपर्क अधिकारी डीसीपी नेहा यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वीडियो फुटेज दिखाते हुए कहा कि अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन और अंतिम संस्कार के समय की जानकारी समय पर दी गई थी।

खबरें हैं कि पुलिस ने उन्हें परिवार से फोन पर बात कराने का विकल्प दिया था। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके गृह नगर जाने हेतु हरसंभव प्रशासनिक व यात्रा संबंधी मदद की पेशकश की थी, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया।

निसर्ग दीक्षित न्यूजरूम में करीब एक दशक का अनुभव लिए निसर्ग दीक्षित शोर से ज़्यादा सार पर भरोसा करते हैं। पिछले 4 साल से वह लाइव हिनुस्तान में डिप्टी चीफ प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं, जहां खबरों की योजना, लेखन, सत्यापन और प्रस्तुति की जिम्मेदारी संभालते हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर और न्यूज़18 जैसे बड़े मीडिया संस्थानों में काम कर चुके हैं, जहाँ उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग से लेकर डेस्क तक की भूमिकाएं निभाईं। उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की, जिसने उनके काम करने के तरीके को व्यावहारिक और तथ्य आधारित बनाया। निसर्ग की खास रुचि खोजी रिपोर्टिंग, ब्रेकिंग स्टोरीज़ और विज़ुअल न्यूज़ स्टोरीज़ में है। वे जटिल मुद्दों को सरल भाषा और स्पष्ट तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने में विश्वास रखते हैं। राजनीति और जांच पड़ताल से जुड़े विषयों पर उनकी मजबूत पकड़ है। निसर्ग लोकसभा चुनावों, कई राज्यों के विधानसभा चुनावों और अहम घटनाओं को कवर कर चुके हैं। साथ ही संसदीय कार्यवाही और सुप्रीम कोर्ट की महत्वपूर्ण सुनवाइयों को नियमित रूप से कवर करते हैं। गूगल जर्नलिस्ट्स स्टूडियो में भी निसर्ग योगदान देते हैं।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News