राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली में एक इमारत के ढहने से लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्रों के लिए पीजी (पेइंग गेस्ट) के रूप में इस्तेमाल की जा रही पांच मंजिला इमारत रविवार दोपहर ढह गई, जिसमें अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है। अधिकारियों ने बताया कि मलबे में फंसे करीब 15-20 लोगों को बचाने के लिए रात तक कई एजेंसियों का संयुक्त अभियान जारी था। राष्ट्रपति मुर्मू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा कि दिल्ली में एक इमारत गिरने की दुर्घटना से मुझे बहुत दुख पहुंचा है। इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं।
दिल्ली बिल्डिंग हादसे में पुलिस के साथ ही दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) समेत कई एजेंसियां रातभर राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। पुलिस उपायुक्त (दक्षिण-पश्चिम) अमित गोयल ने कहा कि रात में एक और व्यक्ति को मलबे से निकाला गया लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी। इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई। उन्होंने बताया कि घटना से कथित तौर पर जुड़े लोगों की तलाश जारी है। पुलिस ने इमारत के मालिक और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए गए हैं।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत ढहने की घटना में मारे गए लोगों की संख्या बढ़कर छह हो गई है और मलबे से कुल 11 लोगों को निकाला गया है। दिल्ली विश्वविद्यालय के दक्षिणी परिसर के पास स्थित इस इमारत का इस्तेमाल लड़कों के पीजी (पेइंग गेस्ट) आवास के रूप में किया जा रहा था। इमारत में मरम्मत का काम चल रहा था, तभी रविवार अपराह्न करीब डेढ़ बजे यह ढह गई।