Deoria News: देवरिया, निज संवाददाता। मौसम में परिवर्तन से बच्चों के स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है। खानपान में गड़बड़ी, दूषित जल के सेवन से बीमार हो रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से वायरल, बैक्टीरिया इंफेक्शन की चपेट में आ रहे हैं। बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, सांस से पीड़ित हो रहे हैं। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में इस तरह के लक्षण के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। पीआईसीयू में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बेड कम पड़ जा रहे हैं, खाली होते ही भर जा रहे हैं। एक बेड पर दो-दो बच्चों का इलाज किया जा रहा है। इससे संक्रमण फैलने की संभावना भी बनी रहती है। गंभीर मरीजों को ठीक होने में करीब एक सप्ताह का समय लग जा रहा है। डॉक्टर दवा देने के साथ सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
मौसम में बदलाव हो रहा है। बारिश और तेज धूप हो रही है। उमस भरी गर्मी से लोग परेशान हैं, जिससे सेहत बिगड़ रहा है। इस समय वायरस व बैक्टीरिया का संक्रमण भी बढ़ा है। थोड़ी सी लापरवाही भारी पड़ रही है, वहीं खानपान में गड़बड़ी व दूषित पेयजल के सेवन के कारण इम्युनिटी कम होने से बच्चे बीमार हो रहे हैं। वह बुखार, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, सिर दर्द से पीड़ित हो रहे हैं तो सांस की परेशानी हो रही है, वहीं पीलिया से भी ग्रसित हो जा रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग की ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ी है। इस तरह के लक्षण के चौबीस घंटे में करीब 10 से 15 गंभीर मरीज भर्ती हो रहे हैं, जिससे पीआईसीयू में भीड़ बढ़ गई है। बेड कम पड़ जा रहे हैं। एक बेड पर दो-दो मरीजों का इलाज करना पड़ रहा है। रविवार की सुबह पीआईसीयू व चिल्ड्रेन वार्ड में करीब 53 बच्चे भर्ती थे। इसमें बुखार के 27, उल्टी के 10, दस्त के 3, पेट दर्द के 4, सांस के 6 के अलावा खून की कमी के मरीज भर्ती थे। एक बेड पर दो मरीज होने से संक्रमण का खतरा बना रहता है, वहीं मरीजों व तीमारदारों को परेशानी हो रही है। साथ ही डॉक्टर व स्टाफ को इलाज करने में भी दिक्कत हो रही है।
बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. एचके मिश्रा ने बताया कि मौसम में बदलाव हो रहा है। इस समय वायरल व बैक्टीरिया इंफेक्शन होता है। इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ी है। इम्युनिटी कमजोर होने से बच्चे संक्रमण की चपेट में आते हैं। खानपान में गड़बड़ी व दूषित पानी के सेवन से बीमार होते हैं। एडिनो, एंड्रो, रोटा वायरस का संक्रमण बढ़ा है। इससे तेज बुखार, सर्दी, खांसी, उल्टी, दस्त, पेट दर्द, सांस की बीमारी से पीड़ित होते हैं। साथ ही पीलिया से भी पीड़ित हो रहे हैं। इस समय एक्यू गैस्ट्रोइंटाइटिस, डेंगू, चिकिगुनिया के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों को ताजा सुपाच्य व पौष्टिक भोजन का सेवन कराएं, हरी साग-सब्जी, मौसमी फल का सेवन कराएं, पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, फास्ट व जंक फूड, कार्बोनेटेड पेयपदार्थ का सेवन न करें और सड़क किनारे खुले में बिकने वाले कटे फल व अन्य खाद्य सामग्री का सेवन न करें। साफ-सफाई पर ध्यान दें। जल भराव व कूलर में पानी इकट्ठा न होने दें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। छह माह तक बच्चों को मां का ही दूध पिलाएं, बच्चों को बोतल से दूध न पिलाएं।
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रेनोवेटेड पीआईसीयू के चालू न होने से बढ़ी परेशानी
मेडिकल कॉलेज के बाल रोग में भीड़ को देखते हुए एसीयुक्त रेनोवेटेड पीआईसीयू का निर्माण कराया गया। इसमें तीस बेड का पीआईसीयू, आठ बेड एचडीयू व चार बेड का आईसीयू बनना था। करीब 66 लाख रुपये की लागत से बन कर तैयार भी हो गया और पूर्व प्राचार्य ने हैंडओवर भी ले लिया, लेकिन बीआरडी मेडिकल कॉलेज की टीम ने उसे मानक के अनुसार न होने के कारण निरस्त कर दिया, जिससे शासन की मंशा पर पानी फिर गया। साथ ही समस्या जस की तस बनी हुई है। बेड न बढ़ने से मरीजों को दिक्कत हो रही है। वहीं इलाज करने में डॉक्टर व स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है。
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