शेयर बाजार में कब कौन सा शेयर कमाल करके अपने निवेशकों को मालामाल कर दे और कब एक झटके में अर्श से फर्श पर ला पटके कहा नहीं जा सकता. लेकिन इसके कई उदाहरण बाजार में मौजूद हैं और सबसे ताजा है ईमुद्रा लिमिटेड का शेयर, जो अपने निवेशकों को कंगाल बनाता हुआ नजर आ रहा है. ये शेयर लगातार क्रैश (eMudhra Share Crash) हो रहा है और महज तीन दिनों में ही 34% गिर गया है. इस भारी गिरावट के बीच निवेशकों में हड़कंप मचा हुआ है. (Photo: AI Generated)
पहले 2% और फिर 20% का लोअर सर्किट
eMudhra Share में पैसे लगाने वालों के लिए ये सप्ताह बेहद खराब साबित हो रहा है. बीते तीन दिनों से लगातार ये स्टॉक टूटता जा रहा है और गिरावट भी ऐसी कि निवेशकों के पसीने छूट गए. सोमवार को स्टॉक में गिरावट शुरू हुई और ये 2 फीसदी के आसपास टूटकर बंद हुई, लेकिन मंगलवार के अवकाश के बाद जब बाजार खुला, तो ये 2 फीसदी की गिरावट 20% के लोअर सर्किट (eMudhra Share Lower Circuit) में तब्दील हो गई. (Photo: AI Generated)
आज भी खुलते ही शेयर हो गया क्रैश
सोमवार और बुधवार को टूटने के बाद ईमुद्रा के शेयर में तेज गिरावट का ये सिलसिला गुरुवार को भी जारी है. eMudhra Share अपने पिछले बंद 432 रुपये की तुलना में तेज गिरावट लेकर 385 रुपये पर खुला और फिर देखते ही देखते 14% से ज्यादा फिसलकर 368 रुपये के लेवल पर आ गया. इन तीन कारोबारी दिनों में इस स्टॉक की कीमत 181 रुपये कम हो चुकी है. (Photo: ITG)
मार्केट कैप में इतनी कमी
eMudhra Share Crash का सीधा असर कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन पर देखने को मिला है, जो गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान ही गिरते हुए 3070 करोड़ रुपये पर आ गया है. यहां बता दें कि इस शेयर का 52 वीक का हाई लेवल 681.60 रुपये है, जबकि इसका 52 वीक का लो लेवल 364 रुपये है. बीते एक महीने में ये 44 फीसदी के आसपास टूट चुका है. (Photo: ITG)
आखिर इस शेयर में क्यों मचा हाहाकार?
eMudhra का शेयर क्रैश होने के पीछे के कारणों की बात करें, तो इस सर्टिफाइंग अथॉरिटी के डिजिटल सर्टिफिकेट में टेक्निकल खामी आने की खबर के बाद से ही हाहाकार मचा हुआ है. कंपनी के 8 डिजिटल सर्टिफिकेट्स में बेहद कमजोर सिक्यॉरिटी कीज पाए गए हैं. यह मामला 30 अप्रैल 2025 को हुए एक की जनरेशन सेरेमनी से कनेक्टेड है. कंपनी ने सेक्योर्ड हार्डवेयर सिक्यॉरिटी मॉड्यूल के इस्तेमाल के दौरान रैप और अनरैप स्टेप में टेक्निकल ग्लिच आई. इससे मजबूत कीज के साथ कमजोर कीज का सेट तैयार हुआ और ये ब्राउजर रूट स्टोर्स में पब्लिश हुई. इससे संभावना बढ़ गई कि साइबर अटैक करने वाले किसी भी वेबसाइट का फेक डिजिटल सर्टिफिकेट बना सकते हैं. (Photo: ITG)
eMudhra का आया ये बयान
ईमुद्रा की ओर से शेयर क्रैश के बीच स्पष्टीकरण दिया गया, जिसमें साफ किया गया है कि इस घटना का ईमुद्रा के भारतीय डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) और ई-साइन बिजनेस से कोई संबंध नहीं है. ग्लोबल टीएलएस बिजनेस अलग इंफ्रा पर चलता है, जो भारत के DSC कारोबार से अलग है. कंपनी ने कहा कि भारत में ये सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं. ईमुद्रा की ओर से बताया गया कि रिवर्स-इंजीनियर करने से जुड़ी एक्सपर्ट डिटेल ऐपल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और मोज़िला जैसे प्रमुख रूट प्रोग्रामों को दे दी गई है. (Photo: ITG)
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें.)
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