गया जिले के नक्सल प्रभावित डुमरिया प्रखंड के जंगलों में सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की एक बड़ी और घातक साजिश को नाकाम कर दिया है. सीआरपीएफ 215 बटालियन और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार की सुबह एक विशेष सर्च एंड डिस्ट्रॉय ऑपरेशन चलाया. इस दौरान जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया 5 किलो का प्रेशर मैकेनिज्म आईईडी बम बरामद किया.
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बिहार के गया जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. सुरक्षा बलों ने नक्सलियों की एक बहुत बड़ी साजिश को पूरी तरह से फेल कर दिया है. नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाने और उन्हें भारी नुकसान पहुंचाने के लिए जंगल के रास्ते में एक खतरनाक बारूदी सुरंग बिछा रखी थी. लेकिन मुस्तैद जवानों ने वक्त रहते इसका पता लगा लिया. सीआरपीएफ की 215 बटालियन और स्थानीय पुलिस ने एक साझा सर्च ऑपरेशन चलाकर जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया करीब 5 किलोग्राम वजन का एक प्रेशर मैकेनिज्म आईईडी (IED) बम बरामद किया. खतरे को देखते हुए सुरक्षा बलों की बम निरोधक टीम ने सूझबूझ दिखाते हुए इस आईईडी बम को मौके पर ही विस्फोट करके सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया.
यह पूरी कार्रवाई गया जिले के नक्सल प्रभावित इलाके डुमरिया प्रखंड के अंतर्गत आने वाले छकरबंधा और लुटुआ थाना क्षेत्र के घने जंगलों में की गई. सुरक्षा एजेंसियों को यह पक्की सूचना मिली थी कि छकरबंधा थाना क्षेत्र के पूर्व दिशा वाले जंगलों और लुटुआ थाना क्षेत्र के कैम्प नागोबार से पश्चिम दिशा में गुलरिया तरी होते हुए सिंघवा पहाड़ी जंगल के इलाके में नक्सली किसी बड़ी हलचल की फिराक में हैं. इस खुफिया जानकारी के बाद गया के एसएसपी सुशील कुमार और सीआरपीएफ 215 बटालियन के कमांडेंट विनोद कुमार मोहरिल के निर्देश पर सोमवार सुबह करीब पांच बजे एक संयुक्त सर्च और डिस्ट्रॉय ऑपरेशन शुरू किया गया.
इस बड़े ऑपरेशन में डी/215 बटालियन सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम शामिल थी. जवानों ने कई घंटों तक बेहद दुर्गम और जंगली पहाड़ी रास्तों पर सघन तलाशी अभियान चलाया. इसी दौरान मेटल डिटेक्टर मशीन से एक जगह संदिग्ध बीप की आवाज सुनाई दी. आवाज सुनते ही जवान सतर्क हो गए और जब उस जगह पर सावधानी से खुदाई की गई, तो जमीन के भीतर छिपाया गया प्रेशर मैकेनिज्म आईईडी बम बरामद हुआ. इसके तुरंत बाद 215 बटालियन के बीडीडीएस (BDDS) यानी बम निरोधक दस्ते के विशेषज्ञों को बुलाया गया, जिन्होंने पूरी सतर्कता बरतते हुए विस्फोटक को वहीं पर ब्लास्ट कर उड़ा दिया.
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अधिकारियों का कहना है कि नक्सलियों ने यह आईईडी जवानों को जान-माल की क्षति पहुंचाने के इरादे से लगाया था. लगभग पांच से छह घंटे तक चले इस कड़े अभियान के बाद अब पूरे जंगली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और ज्यादा कड़ा कर दिया गया है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गया और औरंगाबाद की सीमा से सटे छकरबंधा और पचरुखिया के जंगलों में इन दिनों कुख्यात नक्सली नितेश यादव उर्फ इरफान अपने कुछ साथियों के साथ एक्टिव है. इसी इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियां लगातार जंगलों में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं ताकि नक्सलियों के हर मंसूबे को तोड़ा जा सके.
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