Gold Silver News Today: घरेलू सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने के दाम ₹650 गिरकर ₹1,60,250 प्रति 10 ग्राम पर आ गए, जबकि चांदी ₹2,40,500 प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही।
सोने के दाम में गिरावट जारी चांदी स्थिर अमेरिकी आंकड़ों का असर
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| हफ्ते के पहले कारोबारी दिन घरेलू सर्राफा बाजार में नरमी देखने को मिली। कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते सोमवार को दिल्ली में 99.9 फीसदी शुद्धता वाला सोना ₹650 टूटकर ₹1,60,250 प्रति 10 ग्राम पर आ गया।
बीते शुक्रवार को यह ₹1,60,900 पर बंद हुआ था। वहीं दूसरी तरफ, चांदी के भाव में कोई फेरबदल नहीं हुआ। स्थानीय कारोबारियों के मुताबिक, चांदी लगातार दूसरे सत्र में ₹2,40,500 प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) पर स्थिर बनी रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव दिखा। स्पॉट गोल्ड 35.03 डॉलर यानी लगभग 1 फीसदी फिसलकर 4,395.30 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय चांदी 1 फीसदी गिरकर 65.64 डॉलर प्रति औंस पर दर्ज की गई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) सौमिल गांधी का कहना है कि विदेशी बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों के असर से सोमवार को सोना गिरा और हाजिर भाव 4,400 डॉलर के स्तर के आसपास बना रहा।
ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म लेमन (Lemonn) के रिसर्च हेड गौरव गर्ग के अनुसार, उम्मीद से बेहतर आए अमेरिकी नौकरियों के आंकड़ों ने सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की संभावनाओं को हवा दी है, जिससे सोने पर लगातार दबाव बना हुआ है।
अब बाजार की निगाहें इस हफ्ते आने वाले प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) डेटा पर टिकी हैं, जो फेड की ब्याज दरों की दिशा तय करेंगे।
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कोटक सिक्योरिटीज की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चैनवाला ने बाजार के रुख को विस्तार से समझाते हुए कहा कि हाजिर सोना और चांदी निचले स्तरों से सुधरकर क्रमशः 4,410 डॉलर और 65.7 डॉलर के करीब कारोबार कर रहे हैं।
शुक्रवार को सोना 4,366 डॉलर और चांदी 64.7 डॉलर तक गिर गए थे, क्योंकि अगस्त के नॉन-फार्म पेरोल आंकड़े उम्मीद से कहीं अधिक रहे। बाजार को जहां करीब 56,000 नौकरियों की उम्मीद थी, वहीं यह आंकड़ा 1,62,000 दर्ज हुआ और जुलाई के आंकड़े भी ऊपर संशोधित हुए।
इस रिपोर्ट ने डॉलर और ट्रेजरी यील्ड को मजबूती दी, जिससे यह संकेत मिला कि यदि महंगाई काबू में नहीं आई तो फेड दरें ऊंची रख सकता है। आंकड़ों के बाद सितंबर में ब्याज दर बढ़ोतरी की आशंका 50 फीसदी से बढ़कर करीब 60 फीसदी हो गई। चैनवाला के मुताबिक, 15-16 सितंबर की फेड बैठक से पहले इस हफ्ते के महंगाई के आंकड़े बेहद अहम हैं, जो बाजार को एक सीमित दायरे में बांधे रख सकते हैं।”