भारत और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को मंगलवार को मंगलमय खुशखबरी मिली है और ये विदेश से आई है. वेस्ट एशिया संकट हो या फिर कच्चे तेल की कीमतों में उबाल या फिर सप्लाई चेन में रुकावट की टेंशन, जहां दुनियाभर के देशों की इकोनॉमी खतरे में नजर आ रही है, तो वहीं ऐसे समय में भी भारतीय अर्थव्यवस्था तेज रफ्तार से भाग रही है और आगे भी ये दुनिया में सबसे तेज इकोनॉमी बनी रहेगी.
ये हम नहीं कह रहे, बल्कि वैश्विक संगठन अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF ने एक बार फिर भारत पर भरोसा जताया है और आंकड़े देते हुए कहा है कि अमेरिका, चीन, रूस समेत तमाम बड़े देश Indian Economy की तेज रफ्तार का मुकाबला नहीं कर पाएंगे और 2026 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 7% रहेगी. India GDP Forecast का ये आंकड़ा इससे पहले जताए गए पूर्वानुमान से काफी ज्यादा है.
दुनिया में टेंशन, भारत मजबूत
आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान पहले के 6.7% से बढ़ाकर अब 7% कर दिया है. इस आंकड़े में संशोधन करने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भरोसा जताते हुए कहा है कि आने वाले दो वित्तीय वर्षों में भी भारत की टक्कर कोई नहीं ले सकता और India GDP Growth Rate इस दौरान मजबूत बनी रह सकती है.
गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की अर्थव्यवस्था 7.8% की तेज रफ्तार से आगे बढ़ी थी और ये तमाम पूर्वानुमानों से भी ज्यादा तेज रही थी. जबकि इससे पहले वित्त वर्ष 2024-25 में ग्रोथ रेट शानदार 7.2% दर्ज की गई थी. ये आंकड़े साफ करते हैं कि लगातार भारतीय अर्थव्यवस्था की रफ्तार तेज बनी हुई है. 
अपनी नई वर्ल्ड आउटलुक रिपोर्ट में भारत को लेकर आईएमएफ ने ये अनुमान जारी किया है. इसका शीर्षक ‘तनाव के बीच लचीलापन, तत्काल विकल्प’ है. इसमें IMF ने इंडियन इकोनॉमी को दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में टॉप पर स्थान दिया है. वो भी ऐसे समय में जबकि वैश्विक अर्थव्यवस्था मध्य पूर्व संघर्ष, एनर्जी प्राइस हाई पर पहुंचने और भविष्य की अनिश्चितता के प्रभाव का सामना कर रही है.
IMF को भारत पर भरोसा, चीन को झटका
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान में इस बढ़ा इजाफा करने के पीछे के कारण भी बताया है और इनमें सबसे ऊपर देश में मजबूत घरेलू डिमांड और बेहतर सर्विस एक्टिविटीज की अहम भूमिका का हवाला दिया है. आईएमएफ ने अन्य कई उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए कमजोर दृष्टिकोण पेश किया है. खासतौर पर वैश्विक तेल की ऊंची कीमतों, लंबे समय तक अनिश्चितता और इंफ्रा से जुड़ी चुनौतियों के कारण चीन की विकास दर 2026 में घटकर 4.5% रहने का अनुमान है.
आईएमएफ का दुनिया के लिए ग्रोथ अनुमान 2026
ग्लोबल इकोनॉमी के लिए निगेटिव सिग्नल
जहां एक ओर आईएमएफ ने भारत पर भरोसा जताया है और इंडियन इकोनॉमी की तेज रफ्तार पर अपनी मुहर लगाई है, तो वहीं ग्लोबल इकोनॉमी को लेकर निगेटिव सिग्नल दिए हैं. IMF का अनुमान है कि 2026 में विश्व उत्पादन में 3.1% की वृद्धि होगी, जो 2025 के 3.5% से कम है, और फिर 2027 में यह बढ़कर 3.4% हो जाएगी.
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का कहना है कि ये समग्र आंकड़े अर्थव्यवस्थाओं के बीच महत्वपूर्ण अंतरों को छिपाते हैं, क्योंकि विकास तेजी से युद्ध के कारण उत्पन्न आपूर्ति संकट और वैश्विक प्रौद्योगिकी चक्र से जुड़ी मांग से प्रभावित हो रहा है.
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