Google Trends: ईद-उल-अज़हा का चांद नज़र आया, सात जून को मनाई जाएगी बकरीद – Jansatta

राजधानी नई दिल्ली सहित देश के विभिन्न राज्यों में बुधवार शाम ईद-उल-अज़हा के चांद के दीदार हो गए। इसके बाद बाद सात जून को बकरीद का त्योहार मनाने का मुस्लिम धर्मगुरुओं ने ऐलान किया।
चांदनी चौक स्थित फतेहपुरी मस्जिद के शाही इमाम डॉ. मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि उनकी मस्जिद से शाम में इस्लामी कैलेंडर के आखिरी महीने ‘ज़िल हिज्जा’ का चांद साफ तौर पर दिखा। उन्होंने कहा कि इसके अलावा उत्तर प्रदेश, बिहार, गुजरात, हरियाणा समेत देश के अलग अलग राज्यों से भी चांद देखे जाने की पुष्टि हुई है।
डॉ. मुफ्ती मुकर्रम अहमद ने कहा, “लिहाज़ा, ईद-उल-अज़हा का त्योहार सात जून को मनाया जाएगा।” उन्होंने कहा कि ईद-उल-ज़ुहा या अज़हा या बकरीद, ईद उल फित्र के दो महीने नौ दिन बाद मनाई जाती है। इस्लामी कैलेंडर में 29 या 30 दिन होते हैं जो चांद दिखने पर निर्भर करते हैं।
जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद शाबान बुखारी ने एक बयान में कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में चांद दिखने के बाद मस्जिद की चांद समिति ने सात जून (शनिवार) को बकरीद का त्योहार मनाए जाने की घोषणा की।बुखारी के मुताबिक, 29 मई को इस्लामी कैलेंडर के आखिरी महीने ‘ज़िल हिज्जा’ की पहली तारीख है।
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वहीं, मुस्लिम संगठन इमारत-ए-शरिया हिंद ने भी कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से चांद दिखने की पुष्टि हुई है और कुर्बानी का त्यौहार सात जून को मनाया जाएगा।
इस्लामी मान्यता के अनुसार, पैगंबर इब्राहिम अपने पुत्र इस्माइल को इसी दिन अल्लाह के हुक्म पर अल्लाह की राह में कुर्बान करने जा रहे थे, तो अल्लाह ने उनके बेटे को जीवनदान दे दिया और वहां एक पशु की कुर्बानी दी गई थी जिसकी याद में यह पर्व मनाया जाता है।
तीन दिन चलने वाले त्योहार में मुस्लिम समुदाय के लोग अपनी हैसियत के हिसाब से उन पशुओं की कुर्बानी देते हैं, जिन्हें भारतीय कानूनों के तहत प्रतिबंधित नहीं किया गया है। मुफ्ती मुकर्रम ने कहा, “मुस्लिम समुदाय के जिन लोगों के पास करीब 612 ग्राम चांदी है या इसके बराबर के पैसे हैं या कोई और सामान है, वे कुर्बानी करने के पात्र हैं।” (इनपुट – भाषा)
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सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस पीवी संजय कुमार ने एक वकील को फटकार लगाई, जिसने बताया कि उसके वरिष्ठ वकील हाई कोर्ट में व्यस्त हैं। जस्टिस ने कहा कि जजों का अहंकार नाजुक होता है और ऐसी बातें नहीं कहनी चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि छोटे झूठ बोलने की इजाजत है और भविष्य में ऐसी जानकारी देने से बचना चाहिए।

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