Gorakhpur News: राजीव दत्त पाण्डेय। गोरखपुर।
शहरी जल प्रबंधन के क्षेत्र में तकनीक, प्रकृति आधारित समाधान और जनभागीदारी के जरिए किए गए अभिनव प्रयासों के लिए गोरखपुर नगर निगम को प्रतिष्ठित जीईईएफ ग्लोबल वाटर टेक अवार्ड 2026: इंटीग्रेटेड अर्बन वाटर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट आफ द ईयर 2026 से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में शुक्रवार को आयोजित ग्लोबल वाटर टेक समिट एण्ड अवार्ड 2026 में महापौर डॉ. मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने यह सम्मान ग्रहण किया। उनके साथ अपर नगर आयुक्त गौरव रंजन श्रीवास्तव और सहायक नगर आयुक्त अविनाश प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। सम्मेलन का विषय,‘आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोत से सतत विकास तक नवाचार को बढ़ावा देना’ रहा।
यह सम्मान ग्लोबल इनर्जी एण्ड इनवायरमेंटल फाउंडेशन द्वारा प्रदान किया गया। सम्मेलन में महापौर डॉ मंगलेश श्रीवास्तव ने बताया कि गोरखपुर नगर निगम क्षेत्र में शहरी बाढ़ प्रबंधन के लिए स्थापित अर्बन फ्लड मैनेजमेंट सेल (यूएफएमसी) के तहत 110 ऑटोमेटिक वाटर लेवल सेंसर, वर्षा पूर्वानुमान प्रणाली, ड्रेनेज नेटवर्क का डिजिटल ट्विन, रियल टाइम मॉनिटरिंग और स्वचालित पंपिंग जैसी व्यवस्थाओं को एकीकृत किया गया है। शहर के 25 प्रमुख पंपिंग स्टेशनों में से 21 को स्काडा आधारित ऑटोमेशन से जोड़ा जा चुका है। साल 2025 के मानसून में इन व्यवस्थाओं के चलते जलभराव की औसत अवधि 12 घंटे से घटकर 1.5 घंटे से भी कम रह गई। इसके अलावा तकियाघाट में निर्मित वेटलैंड, रॉक फिल्टर और स्थानीय वनस्पतियों के जरिए अपशिष्ट जल उपचार और मोती पोखरा में नैनोबबल और अल्ट्रासाउंड तकनीक का प्रयोग कर जल का संरक्षण एवं संवर्धन किया गया। उन्होंने दावा किया कि जल संरक्षण के क्षेत्र में 4,000 से अधिक रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं। 100 से अधिक तालाबों और जल निकायों के पुनर्जीवन के साथ रिचार्ज पिट और बोरवेल रिचार्ज को भी बढ़ावा दिया गया है। वहीं, सफाई मित्र कनेक्ट और नमस्ते कार्यक्रम के तहत 4,600 से अधिक स्वच्छता कर्मियों को डिजिटल प्रणाली से जोड़ा गया है।
ग्लोबल वाटर टेक अवार्ड समिट 2026 में महापौर डॉ मंगलेश कुमार श्रीवास्तव ने स्मार्ट और सतत जल प्रबंधन : वास्तविक प्रभाव देने वाली तकनीकों का विस्तार विषय पर पैनल में अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने गोरखपुर में जल प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे तकनीक आधारित प्रयासों और उनके प्रभाव को साझा किया।
Loading videos…
Loading videos…
हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में ‘हिन्दुस्तान’ विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play