Hardoi News(Photo-Social Media)
Hardoi News: उत्तर प्रदेश सरकार में आबकारी राज्य मंत्री और हरदोई सदर से भाजपा विधायक नितिन अग्रवाल द्वारा सोशल मीडिया पर की गई एक पोस्ट इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। मंत्री ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की तस्वीर साझा करते हुए भारतीय रेलवे में हुए बदलावों की सराहना की और इसे आधुनिक भारत की तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक रेल सेवा का प्रतीक बताया। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि रेलवे अब एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है, जहां यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि अब तक 9 करोड़ से अधिक यात्री वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर कर चुके हैं।
मंत्री की इस पोस्ट के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष आशीष सिंह ने सोशल मीडिया पर ही जवाब देते हुए हरदोई में वंदे भारत ट्रेन के ठहराव का मुद्दा उठा दिया। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि वंदे भारत की उपलब्धियां अपनी जगह हैं, लेकिन हरदोई के लोगों के लिए यह ट्रेन केवल गुजरती हुई दिखाई देती है। उन्होंने सवाल किया कि जब ट्रेन जिले में रुकती ही नहीं है, तो स्थानीय लोग इसकी सुविधाओं का लाभ कैसे उठाएं।
अब तक यहां इस ट्रेन को स्टॉपेज नहीं मिला
दरअसल, हरदोई जिले में वंदे भारत एक्सप्रेस के ठहराव की मांग लंबे समय से की जा रही है। व्यापारिक, शैक्षणिक और जनसंख्या के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण जिला होने के बावजूद अब तक यहां इस ट्रेन को स्टॉपेज नहीं मिला है। स्थानीय जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और आम नागरिक समय-समय पर इस मांग को उठाते रहे हैं।जानकारी के अनुसार, हरदोई से सांसद जयप्रकाश रावत भी रेल मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों के समक्ष वंदे भारत के ठहराव की मांग रख चुके हैं। इसके बावजूद ट्रेन को शाहजहांपुर और सीतापुर जैसे स्टेशनों पर ठहराव मिला, जबकि हरदोई को सूची में शामिल नहीं किया गया। यही वजह है कि जब भी वंदे भारत ट्रेन की चर्चा होती है, जिले में उसके ठहराव का मुद्दा फिर से जोर पकड़ लेता है।फिलहाल मंत्री की पोस्ट और उस पर आई राजनीतिक प्रतिक्रिया ने एक बार फिर हरदोई में वंदे भारत एक्सप्रेस के ठहराव की मांग को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। स्थानीय लोग अब उम्मीद लगाए बैठे हैं कि भविष्य में उनकी यह मांग पूरी होगी और जिले को भी इस आधुनिक रेल सेवा का सीधा लाभ मिल सकेगा।