Hazaribagh News: पैराडाइज रिसोर्ट में विश्व आदिवासी दिवस पर देखने को मिला अदभुत संगम – Hindustan

Hazaribagh News: हजारीबाग। जिला प्रतिनिधि विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को जिले में आदिवासी संस्कृति, परंपरा और लोक विरासत का अद्भुत संगम देखने को मिला। जिला प्रशासन की ओर से पैराडाइज रिसॉर्ट में आदिवासी महोत्सव का आयोजन किया गया। ढोल-मांदर की थाप, पारंपरिक लोकगीतों की मधुर धुन और आदिवासी झूमर की मनमोहक प्रस्तुति से महोत्सव का पूरा परिसर जीवंत हो उठा। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि दर्शक भी देर तक झूमते नजर आए। कार्यक्रम का शुभारंभ डीडीसी रिया सिंह एवं सदर एसडीओ आदित्य पांडेय ने संयुक्त रूप से किया। इसके बाद मंच पर एक के बाद एक पारंपरिक गीत-संगीत और नृत्य की प्रस्तुतियां शुरू हुईं। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से आदिवासी समाज की जीवनशैली, परंपरा, प्रकृति के साथ उसके गहरे संबंध और सांस्कृतिक विरासत की खूबसूरत झलक पेश की。

महोत्सव में कलाकारों ने ढोल और मांदर की गूंज के बीच सामूहिक झूमर प्रस्तुत किया। पारंपरिक नृत्य की मनमोहक शैली से कलाकारों ने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों की सजीव प्रस्तुति ने महोत्सव की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधान, लोक वाद्य यंत्र और सामूहिक नृत्य ने जिले की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया।

महोत्सव में आदिवासी समाज की कला, जीवनशैली और परंपराओं को समझने का अवसर भी लोगों को मिला। परिसर में जन जागरण केंद्र की ओर से प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी में आदिवासी जीवन, कला, संस्कृति और परंपरा से जुड़ी विभिन्न सामग्रियों को प्रदर्शित किया गया था। बड़ी संख्या में लोगों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और आदिवासी जीवन एवं विरासत से संबंधित जानकारी प्राप्त की।

आयोजकों ने कहा कि आदिवासी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना है। बदलते समय में आधुनिकता के साथ कदमताल करते हुए अपनी लोकभाषा, लोकगीत, नृत्य, परंपरागत कला और सांस्कृतिक पहचान को बचाए रखना बेहद जरूरी है। पैराडाइज रिसॉर्ट रविवार को आदिवासी संस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। लोकगीतों की मिठास, झूमर की लय और मांदर की गूंज ने विश्व आदिवासी दिवस को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि इस तरह के आयोजन समाज की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ आने वाली पीढ़ियों को अपनी विरासत से परिचित कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

फोटो- आदिवासी 2 मंच पर नृत्य करते कलाकार।

हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में ‘हिन्दुस्तान’ विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्‍यों सह‍ित देश की राजधानी द‍िल्‍ली और एनसीआर (नोएडा, गाज‍ियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्‍करण प्रकाश‍ित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपर‍ि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद व‍िस्‍तार से न्‍यूज र‍िपोर्ट प्रकाश‍ित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play

source.freeslots dinogame telegram营销

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Toofani-News