HPCL Rajasthan Refinery Fire News: कुछ समय पहले एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड) की राजस्थान में स्थित एक ज्वाइंट वेंचर रिफाइनरी में आग ने हलचल मचा दी थी। अब कंपनी ने बताया कि इस आग की मुख्य वजह गैस लीक हो सकती है। कंपनी का कहना है कि मरम्मत का पूरा काम 3–4 हफ्तों में पूरा होने की उम्मीद है और क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) को मई के आखिरी दो हफ्ते में फिर से शुरू किया जा सकता है। कंपनी का कहना है कि बाकी काम योजना के मुताबिक आगे बढ़ रहे हैं। कंपनी ने यह पूरी जानकारी एक्सचेंज फाइलिंग में दी है। बता दें कि 8 अप्रैल को जारी सरकारी बयान के मुताबिक शेड्यूल के हिसाब से इस रिफाइनरी प्रोजेक्ट से 1 जुलाई से कमर्शियल ऑपरेशंस शुरू होना था।
आग वाली घटना को लेकर HPCL ने क्या बताया एक्सचेंज फाइलिंग में?
एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी के ₹79,450 करोड़ में बनी नई रिफाइनरी की मुख्य यूनिट के पास 20 अप्रैल को भयंकर आग लग गई थी। यह घटना ऐसे समय में हुई, जब पीएम मोदी अगले ही दिन 21 अप्रैल को इसका उद्घाटन करने वाले थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह आग क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट में हीट एक्सचेंजर सर्किट में वाल्व या फ्लैंज से हाइड्रोकार्बन लीक होने के कारण लगी। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि आग हीट एक्सचेंजर स्टैक तक सीमित थी और इसमें छह एक्सचेंजर और उनसे जुड़े इक्विपमेंट प्रभावित हुए। कंपनी के मुताबिक अब तक की जांच में माना जा रहा है कि वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर इनलेट लाइन पर प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से लीकेज के चलते आग लगी।
केंद्रीय मंत्रालय की कमेटी भी कर रही मामले की जांच
इस रिफाइनरी से मई में ही एलपीजी, पेट्रोल, डीजल और नैफ्था जैसे प्रमुख फ्यूल्स का ट्रायल प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है। अभी की बात करें तो रिफाइनरी के उद्घाटन को फिलहाल टाल दिया गया है, नई तारीख का ऐलान बाद में होगी। अभी तो रिफाइनरी में लगी आग से जुड़ी जांच के लिए अलग से मिनिस्ट्री ऑफ पेट्रोलियम एंड नेचुरल गैस ने एक कमेटी बनाई है, जिसकी अगुवाई दिग्गज ऑयल रिफाइनरी MRPL (मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स) के पूर्व एमडी एम वेंकटेश कर रहे हैं।
क्यों होती हैं ऐसी घटनाएं?
दुनिया भर में रिफाइनरी के स्टार्टअप और कमीशनिंग चरण में आग या विस्फोट का खतरा ज्यादा होता है, क्योंकि इस दौरान पहली बार हाई-प्रेशर और हाई-टेम्परेचर सिस्टम में हाइड्रोकार्बन डाला जाता है। इसी वजह से आमतौर पर सभी यूनिट्स के सुरक्षित रूप से चालू होने के बाद ही उद्घाटन किया जाता है। एक रिफाइनरी में आमतौर पर कई यूनिट्स होती हैं जो जमीन से या समुद्र तल के नीचे से निकाले गए कच्चे तेल को उच्च तापमान पर पेट्रोल और डीजल जैसे फ्यूल में बदलती हैं।
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