मुख्य बातें
ITR Filing 2026: अगर आप पहली बार इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने जा रहे हैं, तो जल्दबाजी करने से बचिए। छोटी-सी गलती भी रिफंड में देरी, नोटिस या जुर्माने की वजह बन सकती है। अच्छी बात यह है कि इनकम टैक्स विभाग ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए सभी आईटीआर फॉर्म और एक्सेल यूटिलिटी उपलब्ध करा दी है। ऐसे में समय रहते सही जानकारी के साथ रिटर्न फाइल करना आपके लिए आसान हो सकता है। आइए जानते हैं पहली बार आईटीआर भरने वालों के लिए 10 सबसे जरूरी बातें।
अगर आपकी सालाना इनकम तय लिमिट से ज्यादा है तो आईटीआर भरना अनिवार्य है। इसके अलावा विदेश या भारत में संपत्ति, शेयर या ESOP में निवेश, बैंक में बड़ी जमा अमाउंट, एक करोड़ रुपये से ज्यादा बैंक ट्रांजैक्शन, सालाना एक लाख रुपये से ज्यादा बिजली बिल, दो लाख रुपये से ज्यादा का विदेशी यात्रा खर्च या 60 लाख रुपये से ज्यादा की सेल होने पर भी आईटीआर भरना पड़ सकता है।
आपकी सैलरी, बैंक ब्याज, निवेश से हुई कमाई जैसी सभी इनकम को जोड़कर उसमें पीपीएफ, एनपीएस, इंश्योरेंस प्रीमियम, होम लोन ब्याज और अन्य टैक्स बचाने वाले निवेश की कटौती करने के बाद टैक्सेबल इनकम तय होती है।
कौन-सा टैक्स रिजीम आपके लिए बेहतर रहेगा, यह आपकी इनकम और टैक्स बचाने वाले निवेश पर निर्भर करता है। रिटर्न भरने से पहले दोनों विकल्पों की तुलना जरूर कर लें।
इस बार बिना लेट फीस के आईटीआर दाखिल करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 है। इसके बाद 31 दिसंबर 2026 तक देर से रिटर्न दाखिल किया जा सकता है, लेकिन उस पर लेट फीस और अन्य चार्ज देना पड़ सकता है।
रिटर्न भरने से पहले फॉर्म 16, पैन, आधार, बैंक स्टेटमेंट, निवेश के प्रमाण, होम लोन ब्याज सर्टिफिकेट, इंश्योरेंस प्रीमियम की रसीद और अन्य जरूरी डॉक्यूमेंट अपने पास रखें।
फॉर्म 16 में आपकी सैलरी और टीडीएस की जानकारी होती है। वहीं AIS और फॉर्म 26AS में बैंक ब्याज, डिविडेंड, शेयर लेनदेन और टीडीएस जैसी जानकारियां दर्ज होती हैं। रिटर्न भरने से पहले इनका मिलान जरूर करें।
सिर्फ आईटीआर भरना ही काफी नहीं है। रिटर्न दाखिल करने के बाद 30 दिनों के भीतर आधार ओटीपी, नेट बैंकिंग या ईवीसी के जरिए ई-वेरिफिकेशन करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर रिटर्न अधूरा माना जा सकता है।
अगर ऑनलाइन वेरिफिकेशन नहीं कर पा रहे हैं तो आईटीआर-V पर हस्ताक्षर करके उसे तय समय के भीतर इनकमकर विभाग के सेंट्रल प्रोसेसिंग सेंटर, बेंगलुरु भेज सकते हैं।
सही आईटीआर फॉर्म चुनना जरूरी सैलरी वाले ज्यादातर लोगों के लिए आईटीआर-1 होता है। जिनकी बिजनेस इनकम नहीं है लेकिन दूसरी तरह की इनकम है, उनके लिए आईटीआर-2 है। बिजनेस या प्रोफेशन वालों के लिए आईटीआर-3 और प्रिजम्पटिव टैक्स स्कीम वालों के लिए आईटीआर-4 लागू होता है। अगर फॉर्म को लेकर भ्रम हो तो पोर्टल पर मौजूद हेल्प मी विकल्प का इस्तेमाल कर सकते हां किया जा सकता है।
अगर आपने पिछले सालों का रिटर्न नहीं भरा है तो आईटीआर-U के जरिए पिछली चार असेसमेंट ईयर का अपडेटेड रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। हालांकि इसके लिए अलावा टैक्स और चार्ज देना पड़ सकता है।
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