आज विपक्षी INDIA गठबंधन की बैठक में 23 पार्टियां शामिल होंगी, लेकिन तमिलनाडु में बदले समीकरणों के चलते DMK ने किनारा कर लिया है। कांग्रेस के सामने गठब …और पढ़ें
INDI गठबंधन की बैठक आज (फाइल फोटो)
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जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली । पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद उभरी नई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच विपक्षी आइएनडीआइए गठबंधन की सोमवार की बैठक वैसे तो नीट पेपर लीक-सीबीएसई ओएसएम खामियों से लेकर पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों जैसे अहम मुद्दों पर मोदी सरकार की घेरेबंदी के लिए बुलाई गई है।
मगर इसमें भी संदेह नहीं कि हालिया चुनाव नतीजों के बाद तृणमूल कांग्रेस समेत विपक्षी खेमे के कुछ क्षेत्रीय दलों के अंदर मची खलबली को देखते हुए मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के सामने आइएनडीआइए गठबंधन को सियासी ट्रैक पर रखने की दोहरी चुनौती है।
खासकर यह देखते हुए कि तमिलनाडु में बदले समीकरण के बाद द्रमुक ने आइएनडीआइए की बैठक में नहीं आने का पहले ही एलान कर दिया तो केरल चुनाव में बढ़ी कटुता के बाद वामपंथी दल भी कांग्रेस से नाखुश हैं।
हालांकि, इन सब के बीच कांग्रेस ने विपक्षी दलों के बीच एकजुटता का दावा करते हुए कहा कि भारत की तरह आइएनडीआइए जनबंधन अपनी विविधता के साथ एकजुट होकर खड़ा है और सोमवार को होने वाली बैठक में 23 पार्टियां शामिल होंगी।
कांग्रेस के संचार महासचिव जयराम रमेश ने विपक्षी दलों की दोपहर 12 बजे नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में होने वाली बैठक की एक्स पोस्ट में पुष्टि करते हुए यह भी स्वीकार किया कि कुछ एक दल इसमें हिस्सा नहीं लेंगे।
उन्होंने कहा ” कुछ दलों ने अपने-अपने कारणों से इस विशेष बैठक में शामिल होने में असमर्थता जताई है। हालांकि उन्होंने मोदी सरकार की उन नीतियों और कार्रवाइयों का कड़ा विरोध किया है जो लाखों भारतीयों से उनका वोट देने का अधिकार छीन रही हैं। रोज संविधान पर हमला कर रही हैं। जांच एजेंसियों के जरिए विपक्षी नेताओं को निशाना बना रही हैं।
करोड़ों भारतीयों की रोजी-रोटी को गंभीर नुकसान पहुंचा रही हैं। लगातार महंगाई के जरिए घरेलू बजट को बिगाड़ रही हैं। लाखों युवाओं की उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ विश्वासघात कर रही हैं। निवेश के माहौल को कमजोर कर रही हैं और अपनी विदेश नीति के जरिए राष्ट्रीय हितों से समझौता कर रही हैं।”
इन मुद्दों का जिक्र कर जयराम रमेश ने विपक्षी दलों की बैठक का एजेंडा साफ करते हुए मोदी सरकार को घेरने की उनकी रणनीति का संकेत दे दिया।
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा में नेता डेरेक ओब्रायन ने जयराम के पोस्ट को टैग करते हुए इसमें उनकी पार्टी के शामिल होने की पुष्टि करते हुए कहा कि एक साझा मकसद और स्पष्ट इरादे के साथ बैठक आइएनडीआइए एकजुट। कई पार्टियां आपसी भाईचारे की भावना के साथ बैठक का इंतजार कर रही हैं।
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की अप्रत्याशित हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के भीतर राजनीतिक बिखराव और हाहाकार मचा हुआ है। इसलिए विपक्षी गठबंधन की छांव लेकर टीएमसी इस उफान को थामना चाहती है और ममता बनर्जी ने ही सबसे पहले आइएनडीआइए की बैठक बुलाने की पैरोकारी की थी।
राज्यों में हुए हालिया चुनाव से बढ़ी चुनौतियों को देखते हुए विपक्षी गठबंधन 2029 के लोकसभा चुनाव को लक्ष्य करते हुए भविष्य की रणनीति पर चर्चा की अभी से जरूरत महसूस कर रहा है। ममता बनर्जी को फिलहाल कांग्रेस की सख्त जरूरत है मगर कांग्रेस के लिए भी द्रमुक और वामपंथी दलों का राष्ट्रीय स्तर पर साथ उतना ही अहम है।
तमिलनाडु में स्टालिन की हार के बाद कांग्रेस ने तत्काल टीवीके नेता विजय को मुख्यमंत्री बनाने का समर्थन देकर राज्य में उससे दो दशक पुराना गठबंधन तोड़ दिया। बावजूद द्रमुक की द्रविड और भाजपा विरोध की राजनीति को देखते हुए कांग्रेस राष्ट्रीय स्तर पर द्रमक को विपक्षी खेमे के करीब मान रही है पर स्टालिन ने आइएनडीआइए बैठक से किनारा करने की घोषणा कर अपनी नाराजगी जाहिर कर दी है।
इसी तरह केरल में वामपंथी दलों की भाजपा के साथ मिलीभगत के कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के आरोपों पर माकपा खफा है और पार्टी महासचिव एमए बेबी ने हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को पत्र लिखकर इस पर स्पष्टीकरण मांग चुके हैं।