एबीपी नेटवर्क के खास कार्यक्रम ‘India @ 2047 Conclave’ के मंच पर इकोनॉमी, इंडस्ट्री, सिनेमा और ब्यूरोक्रेसी से जुड़ी कई हस्तियों ने शिरकत की. इस दौरान उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़ी बातें रखीं. कॉन्क्लेव की थीम ‘बिल्डिंग भारत @ 2047’ है, जिसके तहत भारत की आजादी के 100वें वर्ष यानी 2047 तक देश को एक महाशक्ति बनाने के रोडमैप और विभिन्न चुनौतियों पर बातचीत हुई.
योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने कहा कि वैश्विक अनिश्चिता बनी हुई है. हालांकि भारत में इस संकट का प्रभाव छोटे समय तक रहेगा. हमें ट्रैक पर आने के लिए कैपिटल अकाउंट सरप्लस में लाना जरूरी है. एफडीआई को वापस लाना होगा. उन्होंने कहा कि एक्साइज ड्यूटी कम होने से भी सरकार को झटका लगा है.
अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने कहा कि भारत में कोई देश पैसा इन्वेस्ट नहीं करना चाहता और यहां के बिजनेसमैन अपना पैसा दूसरे देशों में इन्वेस्ट कर रहे हैं. यहां सिर्फ सरकार की इन्वेस्ट कर रही है.
ABP नेटवर्क के India@2047 कॉन्क्लेव में एक्टर मनोज बाजपेयी ने कहा कि किरदार कोई भी हो, मुझे जितना मैं अपने आपको सताता हूं, उतना ही मुझे मजा आता है. उन्होंने कहा कि एक्टर अगर एक ही तरह की ग्रामर को लेकर चल रहा है तो मेरे लिए वो बोरिंग हो जाता है.
कॉन्क्लेव में स्टैटिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन मिनिस्ट्री के सेक्रेटरी डॉ. सौरभ गर्ग ने कहा कि कई देशों में इनकम सर्वे होता है, ये हम भी कर रहे हैं. पॉलिसी मेकिंग के लिए ऐसे सर्वे होना जरूरी है ताकि लोगों की इनकम को देखते हुए जरूरत के हिसाब से पॉलिसी बनाई जा सकें.
तैयार है. इस कॉन्क्लेव में इकोनॉमी, इंडस्ट्री, सिनेमा और ब्यूरोक्रेसी से जुड़ी कई हस्तियां शिरकत कर रही हैं. इस बार इस कॉन्क्लेव की थीम ‘बिल्डिंग भारत @ 2047’ है, जिसके तहत भारत की आजादी के 100वें वर्ष यानी 2047 तक देश को एक महाशक्ति बनाने के रोडमैप और विभिन्न चुनौतियों पर गहन चर्चा होगी.
इस कार्यक्रम में योजना आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया, अर्थशास्त्री सुरजीत सिंह भल्ला वैश्विक आर्थिक संकटों और सरकार के कदमों पर बात करेंगे. नीति आयोग की डिस्टिंग्विश्ड फेलो देबजानी घोष भी भविष्य के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर अपनी बात रखेंगी.
एबीपी न्यूज के कार्यक्रम ‘India @ 2047 Conclave’ में केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्रियों की मौजूदगी भी होगी. केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल बुनियादी जरूरतों पर, नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू विमानन क्षेत्र के विकास पर, सर्बानंद सोनोवाल भारत की समुद्री और परिवहन लाइफलाइन को मजबूत करने पर अपनी बात रखेंगे. इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव भी शामिल होंगे.
राजनीति और नीति के अलावा कॉन्क्लेव में मनोरंजन और संस्कृति के दिग्गज भी नजर आएंगे. बॉलीवुड अभिनेता मनोज बाजपेयी, मशहूर फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली भारत की सदियों पुरानी ‘कहानी संस्कृति’ के अतीत और भविष्य पर बात करेंगे.
इसके अलावा CEEW के संस्थापक डॉ अरुणाभा घोष, DP World Port की RTG ऑपरेटर एल. कार्तिका, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के सेक्रेटरी डॉ. सौरभ गर्ग, चिंतन रिसर्च फाउंडेशन (सीआरएफ) के प्रेसीडेंट शिशिर प्रियदर्शी, वेदांत एल्युमीनियम झारसुगुड़ा के हेड पोटलाइन 4 सिंधु पंद्रे एबीपी के इस कार्यक्रम में शामिल होंगे.
मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने कहा, ‘कांग्रेस शासन में 1956 में एमपी बना तब से लेकर 2002-2003 तक केवल 5 मेडिकल कॉलेज सरकारी थे, हमने 7 मेडिकल कॉलेज तो 2 साल में खोल दिए.’
हवाई किराया न बढ़े इसे लेकर केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा, ‘ये सेक्टर लोगों के लिए अफोरटेबल रहे इसके लिए सरकार काम कर रही है. आज कैबिनेट की एक बैठक हुई जिसमें प्राइस स्टेबिलाइज़ेशन फंड हमने अप्रूव किया है, जिससे ऑयल मार्केंटिंग कंपनी को 10 हजार करोड़ की एक पूल मिलेगी, जिसे एटीएफ में एक स्टेबिलिटी ला पाएंगे. जिस वजह से अगर लॉस हो या प्रॉफिट हो तो 10 हजार करोड़ से उसे बैलेंस करने का मौका मिलेगा. मिडिल ईस्ट में रोज हालात बदल रहे हैं. उसको एटीएफ पर प्रभाव पड़ेगा.’
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