विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। समझा जाता है कि उन्होंने भारत-रूस संबंधों को और विस्तारित करने के तरीकों पर चर्चा की। बैठक जयशंकर द्वारा रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ व्यापक वार्ता के कुछ घंटों बाद हुई।
इसमें दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को बढ़ाने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया। जयशंकर ने लावरोव के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि मारा मानना है कि भारत-रूस के बीच संबंध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया के सबसे प्रमुख संबंधों में से एक रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक समन्वय, नेतृत्व के बीच आपस में संपर्क और लोकप्रिय भावना इसके प्रमुख मुख्य प्रेरक तत्व बने हुए हैं। विदेश मंत्री मंगलवार को मास्को पहुंचे, ताकि नवंबर या दिसंबर में राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा के विभिन्न पहलुओं को अंतिम रूप दिया जा सके।
दूरदृष्टा, जनचेतना के अग्रदूत, वैचारिक स्वतंत्रता के पुरोधा एवं समाजसेवी सरदार दयालसिंह मजीठिया ने 2 फरवरी, 1881 को लाहौर (अब पाकिस्तान) से ‘द ट्रिब्यून’ का प्रकाशन शुरू किया। विभाजन के बाद लाहौर से शिमला व अंबाला होते हुए यह समाचार पत्र अब चंडीगढ़ से प्रकाशित हो रहा है।
‘द ट्रिब्यून’ के सहयोगी प्रकाशनों के रूप में 15 अगस्त, 1978 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दैनिक ट्रिब्यून व पंजाबी ट्रिब्यून की शुरुआत हुई। द ट्रिब्यून प्रकाशन समूह का संचालन एक ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।
हमें दूरदर्शी ट्रस्टियों डॉ. तुलसीदास (प्रेसीडेंट), न्यायमूर्ति डी. के. महाजन, लेफ्टिनेंट जनरल पी. एस. ज्ञानी, एच. आर. भाटिया, डॉ. एम. एस. रंधावा तथा तत्कालीन प्रधान संपादक प्रेम भाटिया का भावपूर्ण स्मरण करना जरूरी लगता है, जिनके प्रयासों से दैनिक ट्रिब्यून अस्तित्व में आया।