Jamshedpur News: राज्य में साइबर अपराध की पहचान अबतक जामताड़ा से जुड़ी रही है, लेकिन पूर्वी सिंहभूम जिला भी अब साइबर ठगी के नए ठिकाने के रूप में उभर रहा है। जमशेदपुर शहर के अलावा ग्रामीण इलाकों में भी साइबर ठगी का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। जादूगोड़ा, कोवाली, घाटशिला, चाकुलिया और राखामाइंस जैसे इलाकों से भी साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे साफ है कि ठगी का कारोबार अब सिर्फ शहर तक सीमित नहीं रह गया है। ठग स्थानीय स्तर पर बैठकर देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों में रहने वाले लोगों को निशाना बना रहे हैं।
गूगल रिव्यू रेटिंग, ऑनलाइन गेमिंग और डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। वहीं, फर्जी निवेश योजनाओं, क्रिप्टोकरेंसी में मोटे मुनाफे का लालच, नौकरी दिलाने और बैंक खाते अपडेट कराने के नाम पर भी लोगों से ठगी की जा रही है। ठगी से कमाई गई रकम से इलाके के कुछ आरोपियों द्वारा जमीन और मकान खरीदने की बात भी सामने आई है। पुलिस इसकी जांच कर रही है।
बेरोजगारों को नेटवर्क से जोड़ा जा रहा
इस कारोबार को फैलाने के लिए बेरोजगार युवकों को नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। उन्हें कम समय में अधिक कमाई का लालच देकर गिरोह में शामिल किया जाता है। युवाओं को साइबर ठगी का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। इसके बाद वे स्थानीय स्तर पर बैठकर देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों में रहने वाले लोगों को निशाना बनाते हैं। हाल ही में 29 अक्तूबर को बिरसानगर से पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था। ये सभी किराये के मकान से गिरोह का संचालन कर रहे थे। वहीं, राखामाइंस रेलवे स्टेशन से भी पहले साइबर अपराधियों को पकड़ा जा चुका है।
गिरोह में नाबालिग भी शामिल
साइबर ठगी के गिरोह में सिर्फ युवा ही नहीं, बल्कि नाबालिग भी शामिल रहे हैं। पुलिस ने जिले के अलग-अलग इलाकों से कुछ नाबालिगों को भी गिरफ्तार किया है। वर्ष 2024 से अब तक पुलिस जिले भर से 22 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें ग्रामीण इलाकों के आरोपियों की संख्या अधिक है। जांच के दौरान पुलिस ने 250 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबर चिह्नित किए हैं। वहीं, 90 से अधिक बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि सड़क किनारे सिम बेचने वाले कुछ विक्रेता साइबर अपराधियों को सिम उपलब्ध करा रहे थे। पुलिस ने सिम उपलब्ध कराने वाले 3 विक्रेताओं को भी गिरफ्तार किया है। लगातार हो रही गिरफ्तारियों से संकेत मिल रहे हैं कि पूर्वी सिंहभूम में साइबर ठगी अब छिटपुट अपराध नहीं, बल्कि संगठित नेटवर्क का रूप ले रही है।
हाल में हुई गिरफ्तारियां
18 जनवरी 2024 : चाकुलिया पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में छह अपराधियों को गिरफ्तार किया।
03 अगस्त 2025 : जादूगोड़ा पुलिस ने राखामाइंस रेलवे स्टेशन से तीन साइबर अपराधियों को पकड़ा।
04 अगस्त 2025 : कोवाली पुलिस ने एक नाबालिग समेत छह साइबर ठगों को गिरफ्तार किया।
15 मार्च 2026 : सीआईडी ने घाटशिला से एक साइबर अपराधी को पकड़ा।
25 मार्च 2026 : दिल्ली पुलिस ने जादूगोड़ा से एक साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया।
30 अक्तूबर 2026 : शहर के बिरसानगर से पांच साइबर अपराधी पकड़े गए।
01 नवंबर 2026 : साइबर अपराधियों को सिम उपलब्ध कराने वाले 3 विक्रेता गिरफ्तार किए गए।
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साइबर अपराधियों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। ग्रामीण क्षेत्र से भी कई साइबर अपराधी पकड़े गए है। साइबर अपराधियों की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को बताएं। कोई साइबर अपराध का शिकार होता है तो 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
-डॉ एहतेशाम वकारिब, एसएसपी।
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